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पंचायत चुनावः लोकसभा में किया मतदान, अब पूरे परिवार के नाम गायब
Tue, 24 Sep 2019 01:45 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
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Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2019 01:45 AM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ने वाली कई महिला प्रत्याशियों को शैक्षिक प्रमाण पत्रों के अलावा मतदाता सूची, आधार कार्ड, बैंक पासबुक समेत तमाम दस्तावेजों में नाम अलग-अलग नाम दर्ज होने से अब नामांकन के वैध होने पर संशय बना है। नामांकन कराने ब्लॉक कार्यालय पहुंचीं महिलाओं ने इस संबंध में खंड विकास अधिकारी से समाधान जानना चाहा तो बीडीओ ने इसका निर्णय निर्वाचन अधिकारी स्तर पर ही संभव होना बताया। फिलहाल दोनों प्रत्याशियों ने अपना नामांकन तो करा लिया है लेकिन उनका कहना है कि परिवार के किसी अन्य सदस्य का भी नामांकन कराएंगे। अगर उनका नामांकन वैध नहीं हुआ तो दूसरा प्रत्याशी चुनाव तो लड़ सकेगा।
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विकासखंड कार्यालय में दो महिला प्रत्याशी कविता और भावना नामांकन कराने आई थीं। इस बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को अपने शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्र भी नामांकन पत्र के साथ लगाने हैं। इन दोनों प्रत्याशियों के नाम शादी से पहले कमला और भवानी थे। यही नाम उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों में भी दर्ज हैं। शादी के बाद नाम बदल दिए गए।
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अब मतदाता सूची, आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि सभी दस्तावेजों में उनका नाम कविता और भावना हो गया है। उन्होंने शादी से पहले और शादी के बाद नाम परिवर्तन होने संबंधी शपथपत्र के साथ नामांकन पत्र तो जमा करा दिए लेकिन जांच के बाद वैध पाए जाएंगे या नहीं यह निर्वाचन अधिकारी स्तर पर ही पता चल सकेगा।
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फिलहाल दोनों ही प्रत्याशियों ने बीडीओ से संपर्क किया तो बीडीओ डॉ. निर्मला जोशी ने उन्हें बताया कि निर्वाचन अधिकारी ही जांच के दौरान उनके नामांकन के वैध होने या न होने की पुष्टि कर पाएंगे। वह अपने स्तर पर इस मामले में कुछ नहीं कह सकती हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दावेदारी कर रहे कई प्रत्याशियों को पिछले चुनाव के खर्च का ब्योरा पेश करने के बावजूद ब्लाक कार्यालय की सूची में डिफाल्टर घोषित किया गया था। उन्हें आय व्यय का ब्योरा नहीं देने के आधार पर इस बार चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करते हुए उनकी सूची ब्लाक कार्यालय में चस्पा की गई है। इसी तरह के एक मामले में पिछला चुनाव लड़ चुके एक प्रत्याशी ने आय व्यय का ब्योरा पेश करने के बावजूद अयोग्य घोषित किए जाने को चुनौती के रूप में लिया।
उन्होंने बीडीओ, डीएम, पंचस्थानी चुनावालय तक गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं होने पर देहरादून राज्य निर्वाचन आयुक्त दफ्तर में गुहार लगाई और अदेय प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। विकासखंड के चोरगलिया आमखेड़ा क्षेत्र पंचायत सीट से 2014 में गोविंद मिश्रा ने चुनाव लड़ा था। उन्होंने 30 सितंबर 2014 को चुनाव खर्च का ब्योरा ब्लाक कार्यालय में पेश कर दिया। गोविंद मिश्रा ने बताया कि ब्लाक कार्यालय से उनके आयव्यय जमा कराने का विवरण चुनाव आयोग को नहीं भेजा गया और डिफाल्टर घोषित कर दिया गया।
गोविंद मिश्रा ने राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय में अपनी रसीद दिखाई और पंचस्थानी चुनावालाय नैनीताल का पत्र भी पेश किया। जिसमें उनके द्वारा चुनाव खर्च का ब्योरा पेश किए जाने का जिक्र है। राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा गया है कि आयोग के सम्यक विचारोपरांत निर्णय लिया गया है कि प्रभारी अधिकारी पंचस्थानी चुनावालय भीमताल और खंड विकास अधिकारी हल्द्वानी की संस्तुति पर गोविंद मिश्रा को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2019 में प्रतिभाग करने के लिए अर्ह घोषित किया जाता है। इस आदेश की प्रति संलग्न करते हुए गोविंद मिश्रा ने सोमवार को निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन पत्र जमा कराया है।
लोकसभा चुनाव में वोट डाले अब अब पूरे परिवार के नाम गायब
चांदनी चौक टीला से ब्लॉक कार्यालय पहुंचे त्रिलोचन कुड़ाई, उमेश कुड़ाई और मंजू देवी ने बताया कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने मतदान किया था। आज पता चला है कि ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में उनका नाम दर्ज नहीं है। उन्होंने एडीओ पंचायत से नाम जुड़वाने की अपील की। एडीओ पंचायत बसंत मेहता ने बताया कि मतदाता सूची में संशोधन का कार्य हाल तक किया गया। 20 सितंबर तक नाम जोड़े गए थे। अभी एक और संशोधित सूची आने की संभावना है। फिलहाल अब कोई नया नाम जोड़ा जाना संभव नहीं है।
20 सितंबर तक मतदाता सूची में जोड़े और हटाए गए वोटरों की संख्या
रामनगर 37 06 08
हल्द्वानी 17 04 --
बेतालघाट 07 -- 02
भीमताल 02 -- 01
रामगढ़ 01 -- 01