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यूओयू की किताबों के लिए अब सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत
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हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में किताबों के संकट का मुद्दा सीएम तक पहुंच गया है, इसके बावजूद समस्या हल नहीं हुई। इधर विश्वविद्यालय प्रशासन किताबों की व्यवस्था करने के बजाय विद्यार्थियों को ई-बुक से पढ़ने का सुझाव दे रहा है।
यूओयू के छात्र-छात्राएं किताबें न मिलने से परेशान हैं। सीएम हेल्पलाइन पर इनकी ओर से लगातार शिकायत की जा रही है। अबतक सैकड़ों विद्यार्थी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत कर चुुके हैं, लेकिन किताबों की व्यवस्था नहीं की जा रही है। कुलसचिव प्रो. पीडी पंत का कहना है बाजार में कागज का अभाव है। किताबों के लिए टेंडर तो हुए लेकिन कागज महंगा होने के कारण किताबें नहीं छप पाई हैं जिन विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। वे ई-बुक से पढ़ाई कर सकते हैं।
इनसेट
सीएम पोर्टल पर की गई शिकायतें
केस 1- हमें विभाग की ओर से एमए गणित द्वितीय वर्ष की किताबें नहीं मिली हैं। अगले महीने से परीक्षा होनी है। किताबें न मिलने से परेशानी हो रही है।
-कनिका शर्मा, विकासनगर (देहरादून)
केस 2-
मैं यूओयू से बीए की पढ़ाई कर रहा हूं। मेरा इस बार अंतिम वर्ष है। अगले महीने से परीक्षाएं होनी हैं, लेकिन किताबें अबतक नहीं मिल पाई हैं। बिना किताबें परीक्षाएं कैसे दें।
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-कुलदीप सिंह।
केेस 3-
एमए तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर की किताबें नहीं दी जा रही हैं। परीक्षाएं होने वाली हैं। तैयारियां नहीं हो पा रही हैं। किताबें न मिलने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
-अनिल जोशी, पौढ़ी गढ़वाल।
केस-4
मेरी बहन मोनिका पुरोहित यूओयू हल्द्वानी में एमए राजनीतिक विज्ञान चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा है। विवि से न किताबें मिलीं और न ही ई-बुक उपलब्ध कराई गई हैं। इससे तैयारी नहीं हो पा रही हैं।
सतीश चंद्र।
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यूओयू के छात्र-छात्राएं किताबें न मिलने से परेशान हैं। सीएम हेल्पलाइन पर इनकी ओर से लगातार शिकायत की जा रही है। अबतक सैकड़ों विद्यार्थी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत कर चुुके हैं, लेकिन किताबों की व्यवस्था नहीं की जा रही है। कुलसचिव प्रो. पीडी पंत का कहना है बाजार में कागज का अभाव है। किताबों के लिए टेंडर तो हुए लेकिन कागज महंगा होने के कारण किताबें नहीं छप पाई हैं जिन विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। वे ई-बुक से पढ़ाई कर सकते हैं।
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सीएम पोर्टल पर की गई शिकायतें
केस 1- हमें विभाग की ओर से एमए गणित द्वितीय वर्ष की किताबें नहीं मिली हैं। अगले महीने से परीक्षा होनी है। किताबें न मिलने से परेशानी हो रही है।
-कनिका शर्मा, विकासनगर (देहरादून)
केस 2-
मैं यूओयू से बीए की पढ़ाई कर रहा हूं। मेरा इस बार अंतिम वर्ष है। अगले महीने से परीक्षाएं होनी हैं, लेकिन किताबें अबतक नहीं मिल पाई हैं। बिना किताबें परीक्षाएं कैसे दें।
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-कुलदीप सिंह।
केेस 3-
एमए तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर की किताबें नहीं दी जा रही हैं। परीक्षाएं होने वाली हैं। तैयारियां नहीं हो पा रही हैं। किताबें न मिलने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
-अनिल जोशी, पौढ़ी गढ़वाल।
केस-4
मेरी बहन मोनिका पुरोहित यूओयू हल्द्वानी में एमए राजनीतिक विज्ञान चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा है। विवि से न किताबें मिलीं और न ही ई-बुक उपलब्ध कराई गई हैं। इससे तैयारी नहीं हो पा रही हैं।
सतीश चंद्र।