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मैं बहुत परेशान हूं, अब नहीं जीना चाहती

Tue, 27 Jun 2017 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। 
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।  Updated Tue, 27 Jun 2017 01:24 AM IST
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No longer want to live
demo pic - फोटो : अमर उजाला

हल्द्वानी। अधिशासी अभियंता गिरीश चंद्र तिवारी की बेटी रश्मि तिवारी ने मौत से पहले अपनी मां से फोन पर बात की थी। उसने तनाव होने की बात कहकर मौत को गले लगाने की बात कही थी। मां ने उसे काफी समझाया मगर वह अपनी जिद पर अड़ी रही। 

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गिरीश चंद्र तिवारी ने बताया कि बेटी सास के व्यवहार से काफी परेशान थी।

घटना के चंद मिनट पहले ही उसने अपनी मां को फोन किया था। वह कह रही थी कि अब तनाव नहीं सहा जा सकता। गिरीश चंद्र के अनुसार जब पत्नी ने उन्हें यह बात बताई तो वह परेशान हो गए। उन्होंने बेटी को समझाने के लिए कॉल की मगर उसका फोन नहीं उठा। इससे वह और परेशान हो गए। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने पुलिस को फोन किया। 
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हल्द्वानी। रश्मि तिवारी के शव का पोस्टमार्टम सोमवार को किया गया। पोस्टमार्टम हाउस में दोनों पक्षों में तनातनी देखी गई। एक दूसरे से बातचीत तक नहीं हुई। बाद में तहसीलदार ने रश्मि के जेवर और शव के साथ नौ महीने के भ्रूण ससुर को सुपुर्द किया। 
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पॉलीशीट निवासी गिरीश चंद्र तिवारी की पत्नी रश्मि तिवारी के शव का पोस्टमार्टम कराने से पहले तहसीलदार ने पुलिस के सहयोग से पंचनामा भरना शुरू किया। तहसीलदार रश्मि के जेवरात को सुपुर्द कराना चाहते थे लेकिन रश्मि के पिता अभियंता गिरीश चंद्र जोशी यह तय नहीं कर पा रहे थे कि जेवर कौन लेगा।

अंत में राय मशविरे के बाद ससुरालियों को जेवर देेने पर तैयार हुए। वह किसी प्रकार पंचनामे का कागजात तैयार होने पर डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पुलिस ने शव के साथ नौ महीने के भ्रूण को ससुर को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा। पुलिस ने बताया कि रश्मि का मोबाइल और पर्स में मौजूद एटीएम उनके कब्जे में है। अभी किसी पक्ष को पर्स और मोबाइल सौंपा नहीं जाएगा। तनाव को देखते हुए पुलिस भी मोर्चरी पर मुस्तैद थी।

सास के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा 
न देने वाली अधिशासी अभियंता गिरीश चंद्र तिवारी की बेटी रश्मि तिवारी के मौत मामले में सास चंपा देवी के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुखानी पुलिस ने यह कार्रवाई मायके वालों की तहरीर के आधार पर की है। पुलिस अब तक रश्मि के मोबाइल लॉक को तोड़ नहीं सकी है। इस मामले में अब ससुराल वालों से पूछताछ की जाएगी।

बिठौरिया निवासी पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता गिरीश चंद्र जोशी ने अपनी बेटी की मौत के मामले में मुखानी पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सास चंपा देवी के उत्पीड़न से तंग आकर उनकी गर्भवती बेटी रश्मि तिवारी ने आत्महत्या की है। रश्मि घर का सारा कामकाज करती थी लेकिन उसकी सास सिर्फ मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी। पुलिस ने आरोपों के आधार पर सास के खिलाफ धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।


पुलिस ने जांच में पाया कि रश्मि जहर खाने के बाद सड़क से करीब 25 मीटर दूर खेत में भागकर गई थी। जहर के प्रभाव से छटपटाते हुए उसने खेत में दम तोड़ दिया था। खेत में मौजूद ग्रामीणों ने उसे गिरा देखकर पुलिस को तत्काल सूचना दी थी। परिजनों ने घटना के बारे में रश्मि के पति गिरीश चंद्र तिवारी को सूचना भेज दी है। वह जल्द ही आयरलैंड से आने वाला है। 

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