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नैनो तकनीकी के विकास को होंगे प्रयास
ब्यूरो /अमर उजाला, नैनीताल।
Updated Tue, 01 Dec 2015 01:39 AM IST
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कुमाऊं विश्वविद्यालय ने आरआई इंस्ट्रूमेंट एंड इनोवेशन इंडिया के साथ नैनो साइंस व तकनीकी के विकास के लिए करार किया है। जिसके तहत यह कंपनी कुविवि के साथ नैनो तकनीकी प्रदान करेगी जबकि विश्वविद्यालय की ओर से शोधार्थी इस कंपनी को मुहैया होंगे।
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कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी की मौजूदगी में सोमवार को विवि प्रशासनिक भवन में कंपनी के सीईओ डा. आरपी जोशी व कुविवि नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर के प्रभारी डा. नंद गोपाल साहू ने इस करार का आदान प्रदान किया। इस मौके पर कुलपति प्रो. धामी ने बताया कि आरआई इंस्ट्रूमेंट एंड इनोवेशन इंडिया कंपनी यूनिवर्सल स्पक्ट्रोमीटर बना रही है।
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स्पेक्ट्रोमीटर ग्राफिन बनाने की प्रक्रिया की जांच करता है। ग्राफिन कूड़े को रिसाइकिल कर बनया जाता है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया नैनो साइंस सेंटर में चल रही है और ग्राफिन के नैनो पार्टिकल बनाने की प्रक्रिया सही है अथवा नहीं इसे जांचने के लिए इस कंपनी से यूनिवर्सल स्पेक्ट्रोमीटर खरीदा गया है, जिसे सेंटर में स्थापित कर दिया गया है।
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कुलपति के मुताबिक स्पेक्ट्रोमीटर की विदेशों में कीमत करीब एक करोड़ 40 लाख जबकि कंपनी उसी गुणवत्ता की मशीन 25 लाख में तैयार कर रही है।
इस मौके पर कंपनी के सीईओ डा. आरपी जोशी ने बताया कि उनकी कंपनी से तैयार स्पेक्ट्रोमीटर आईआईटी संस्थानों में लगाये गए हैं। उन्होंने कहा कि वह विवि के नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर के साथ मिलकर इस तकनीक को विस्तार देंगे।