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Uttarakhand: सहायक प्रोफेसर को NOC देने से मेडिकल कॉलेज का इंकार, हाईकोर्ट ने भी लगाई नुहर; जानें पूरा मामला

Thu, 20 Jun 2024 01:07 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 20 Jun 2024 01:07 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सहायक प्रोफेसर की बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में रिक्त पद के लिए आवेदन करने के लिए प्रिंसिपल से मांगी गई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

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Nainital News: Medical college refuses to give NOC to assistant professor
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सहायक प्रोफेसर रुद्रेश नेगी की बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में रिक्त पद के लिए आवेदन करने के लिए प्रिंसिपल से मांगी गई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

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न्यायालय ने कहा कि यदि नियोक्ता को किसी कर्मचारी के अन्यत्र रोजगार मांगने पर आपत्ति है, तो नियोक्ता के पास एनओसी देने से इनकार करने का अधिकार है। न्यायालय ने यह भी देखा कि उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य होने के कारण अपने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की कमी का सामना कर रहा है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की अपेक्षित संख्या के संबंध में न्यूनतम मानक स्थापित किए हैं।
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इन निर्धारित मानकों को पूरा नहीं होने के परिणामस्वरूप कॉलेज की मान्यता समाप्त हो सकती है। इस तरह के नुकसान के विनाशकारी परिणाम होंगे। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज तिवारी व न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में सरकारी अधिवक्ता ने इस बात पर जोर दिया गया कि यदि कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज शिक्षकों की न्यूनतम संख्या से संबंधित मानदंडों का पालन न करने के कारण मान्यता खो देता है, तो सार्वजनिक धन की एक महत्वपूर्ण राशि बर्बाद हो जाएगी।

जब याचिकाकर्ता नेगी ने एनओसी के लिए आवेदन किया, तो प्रिंसिपल ने चिकित्सा शिक्षा निदेशक से निर्देश मांगे, जिन्होंने उन्हें 2020 में जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया। जीओ के अनुसार, प्रिंसिपल को सरकारी मेडिकल कॉलेज के शिक्षक को एनओसी जारी करनी चाहिए, यदि शिक्षक ने राज्य के भीतर किसी अन्य कॉलेज में नियुक्ति के लिए आवेदन किया है। नेगी के मामले में, राज्य के बाहर रोजगार के लिए एनओसी मांगी गई थी। याचिका में आदेश और निर्देश को रद करने और विभाग से एनओसी जारी करने की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका दायर कि थी।

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