फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Nainital High Court said that criminals go free due to lack of proper investigation of crimes

Nainital News: हाईकोर्ट की टिप्पणी, कहा- अपराधों की सही जांच नहीं होने से छूट जाते हैं अपराधी, यह है मामला ?

Mon, 12 Aug 2024 12:36 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 12 Aug 2024 12:36 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में पुलिस कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर जोर दिया है।

विज्ञापन
Nainital High Court said that criminals go free due to lack of proper investigation of crimes
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

विज्ञापन

नैनीताल हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में पुलिस कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाने पर जोर दिया है। न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की पीठ ने यह निर्णय एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद बुर्जुग दयावती की अपील पर सुनवाई के बाद दिया।

जसपुर के अमियावाला गांव निवासी दयावती को गांजा तस्करी के मामले में निचली अदालत ने पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने जांच में कई कमियों के चलते अपील कर्ता को जमानत दे दी। अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने पुलिस जांच पर कहा कि गवाहों के बयानों में विसंगतियां हैं। ट्रायल कोर्ट के समक्ष महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश नहीं किये गये और न ही अभियोजन पक्ष की ओर से ही वैधानिक प्रावधानों का पालन किया गया है। दो प्रमुख गवाहों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। कोर्ट ने माना कि जांच दोषपूर्ण है और जांच अधिकारी ने अपने कर्तव्यों का सही निर्वहन नहीं किया है।

विज्ञापन


ये पढ़ें- Almora News: सल्ट के पीपना में वृद्धा से डेढ़ लाख के जेवर लूटे, छीनाझपटी में घायल हो गई महिला; जांच शुरू
विज्ञापन
विज्ञापन

 

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि दंडनीय अपराधों की जांच सही नहीं होने से आरोपी गंभीर अपराधों में बरी हो जाते हैं। कोर्ट ने कहा कि देश में नशीली दवाओं और पदार्थों की तस्करी एक बड़ी चुनौती है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह स्थिति न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि खतरनाक है। अपराधियों के बरी होने से न केवल उनका साहस बढ़ता है बल्कि उनकी नजर में कानून का डर भी खत्म हो जाता है। इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को रोकने के लिये यह बहुत जरूरी है कि जांच पेशेवर तरीके से की जाए। इसलिए अदालत ने कहा कि पुलिस कार्मिकों के लिये विशेष प्रशिक्षण आयोजित किये जाए कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को इसमें पहल करने को कहा हैं साथ ही ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई करने को कहा हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed