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मांगों को लेकर धरने पर बैठे उपनल कर्मी
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हल्द्वानी। समय पर वेतन और तीन माह की प्रोत्साहन राशि न मिलने से नाराज उपनल कर्मी बुधवार को काम छोड़कर एसटीएच परिसर में धरने पर बैठ गए। कर्मियों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी मौके पर पहुंच गए। कर्मियों को शाम तक वेतन उनके खाते में पहुंचने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मी काम पर लौटे।
राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसटीएच में 695 उपनल कर्मी कार्यरत हैं। पिछले माह भी समान काम-समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर कर्मी हड़ताल पर गए थे। तब प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर एक माह का अल्टीमेटम देते हुए कर्मी काम पर लौटे आए थे। तीन माह की प्रोत्साहन राशि शेष होने, वेतन और सभी उपनल कर्मियों की कोविड ड्यूटी न लगाए जाने से कर्मी नाराज थे। बुधवार को उपनल कर्मी काम छोड़कर बाहर निकल आए और एसटीएच परिसर में धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंच सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसपी सिटी जगदीश चंद्र ने आश्वासन दिया कि शाम तक सभी के खाते में वेतन पहुंच जाएगा। इसके बाद ही कर्मी माने और काम पर वापस गए।
दूसरी उपनल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रताप बोरा ने कहा कि शाम चार बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा से बात हुई है। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर मांगों का निराकरण करने का आश्वासन दिया है। कहा कि एक सप्ताह के भीतर अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे। प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा ने कहा कि कर्मियों की मांगें शासन को भेजी गई हैं। अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि को लेकर भी चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। उपनल कर्मियों की मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा गया था।
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बेस अस्पताल में टेक्नीशियनों को दो माह से नहीं मिला वेतन
हल्द्वानी। उत्तराखंड एड्स कंट्रोल सोसायटी के तहत 20 संविदा कर्मियों को अप्रैल से मानदेय नहीं मिला है। इन कर्मियों का करार भी बढ़ाया नहीं गया है। सोसायटी के तहत जिले में 20 कर्मी कार्यरत हैं। सबसे अधिक नौ कर्मचारी बेस अस्पताल में तैनात हैं। इसमें कुछ कर्मचारी दो-दो बार कोविड पॉजिटिव भी हो चुके हैं। इन कर्मियों को अब तक दो माह से वेतन (15 से 18 हजार) नहीं मिला है। वेतन न मिलने और करार न बढ़ाने को लेकर कर्मियों में आक्रोश है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसटीएच में 695 उपनल कर्मी कार्यरत हैं। पिछले माह भी समान काम-समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर कर्मी हड़ताल पर गए थे। तब प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर एक माह का अल्टीमेटम देते हुए कर्मी काम पर लौटे आए थे। तीन माह की प्रोत्साहन राशि शेष होने, वेतन और सभी उपनल कर्मियों की कोविड ड्यूटी न लगाए जाने से कर्मी नाराज थे। बुधवार को उपनल कर्मी काम छोड़कर बाहर निकल आए और एसटीएच परिसर में धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंच सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसपी सिटी जगदीश चंद्र ने आश्वासन दिया कि शाम तक सभी के खाते में वेतन पहुंच जाएगा। इसके बाद ही कर्मी माने और काम पर वापस गए।
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दूसरी उपनल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रताप बोरा ने कहा कि शाम चार बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा से बात हुई है। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर मांगों का निराकरण करने का आश्वासन दिया है। कहा कि एक सप्ताह के भीतर अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे। प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा ने कहा कि कर्मियों की मांगें शासन को भेजी गई हैं। अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि को लेकर भी चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। उपनल कर्मियों की मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा गया था।
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बेस अस्पताल में टेक्नीशियनों को दो माह से नहीं मिला वेतन
हल्द्वानी। उत्तराखंड एड्स कंट्रोल सोसायटी के तहत 20 संविदा कर्मियों को अप्रैल से मानदेय नहीं मिला है। इन कर्मियों का करार भी बढ़ाया नहीं गया है। सोसायटी के तहत जिले में 20 कर्मी कार्यरत हैं। सबसे अधिक नौ कर्मचारी बेस अस्पताल में तैनात हैं। इसमें कुछ कर्मचारी दो-दो बार कोविड पॉजिटिव भी हो चुके हैं। इन कर्मियों को अब तक दो माह से वेतन (15 से 18 हजार) नहीं मिला है। वेतन न मिलने और करार न बढ़ाने को लेकर कर्मियों में आक्रोश है।