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नैनीताल में फिर भूस्खलन, अस्थायी दीवार ढही
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नैनीताल में ठंड़ी सड़क स्थित पाषाण देवी के पास लोनिवि द्वारा भूस्खलन का कार्य किया जा रहा था। बुध
- फोटो : NAINITAL
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नैनीताल। बुधवार को मूसलाधार बारिश से ठंडी सड़क की पहाड़ी में फिर से भूस्खलन हो गया। लोनिवि की ओर से भूस्खलन रोकने के लिए खड़ी चट्टान पर लगाई गई मिट्टी के कट्टों की दीवार भरभराकर नैनीझील में समा गई। इससे फिर से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ऊपर स्थित केपी छात्रावास का भवन खतरे की जद में आ गया है।
महीने भर पहले केपी छात्रावास के ठीक नीचे पहाड़ी में हुए भूस्खलन से छात्रावास की सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बाद भी रुक रुककर भूस्खलन होता रहा। बाद में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने पहाड़ी में भूस्खलन रोकने (अस्थायी ट्रीटमेंट) के लिए दस लाख रुपये स्वीकृत किए थे। बीते दिनों से लोनिवि के इंजीनियर अस्थायी ट्रीटमेंट करा रहे थे और मजदूरों ने किसी तरह ऊपर की ओर मिट्टी के कट्टों की दीवार खड़ी की बुधवार सुबह से दोपहर बाद तक हुई मूसलाधार बारिश में फिर से पहाड़ी में हुए भूस्खलन के कारण मिट्टी के कट्टों की दीवार भरभराकर गिर गई। इससे ठंडी सड़क पूरी तरह से बंद हो गई। केपी छात्रावास की मेर्टन रेनुका खोलिया ने बताया कि भूस्खलन से छात्रावास के बाहर की ओर फर्श में भी दरार आ गई है और छात्रावास भवन के पास विशालकाय बांज के पेड़ की भी जड़ खाली होने लगी है, जिससे छात्रावास भवन को खतरा पैदा हो गया है।
छात्रावास की ओर से आने वाले बरसाती पानी के साथ साथ पहाड़ी के ऊपर की ओर से आने वाला बरसाती पानी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र की मिट्टी के भीतर रिस गया, जिससे यह भूस्खलन हुआ है और मौके पर बनाई गई अस्थायी दीवार गिर गई है। दोबारा अस्थायी ट्रीटमेंट शुरू किया जाएगा।
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प्रकाश चंद्र उप्रेती, सहायक अभियंता लोनिवि
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महीने भर पहले केपी छात्रावास के ठीक नीचे पहाड़ी में हुए भूस्खलन से छात्रावास की सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बाद भी रुक रुककर भूस्खलन होता रहा। बाद में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने पहाड़ी में भूस्खलन रोकने (अस्थायी ट्रीटमेंट) के लिए दस लाख रुपये स्वीकृत किए थे। बीते दिनों से लोनिवि के इंजीनियर अस्थायी ट्रीटमेंट करा रहे थे और मजदूरों ने किसी तरह ऊपर की ओर मिट्टी के कट्टों की दीवार खड़ी की बुधवार सुबह से दोपहर बाद तक हुई मूसलाधार बारिश में फिर से पहाड़ी में हुए भूस्खलन के कारण मिट्टी के कट्टों की दीवार भरभराकर गिर गई। इससे ठंडी सड़क पूरी तरह से बंद हो गई। केपी छात्रावास की मेर्टन रेनुका खोलिया ने बताया कि भूस्खलन से छात्रावास के बाहर की ओर फर्श में भी दरार आ गई है और छात्रावास भवन के पास विशालकाय बांज के पेड़ की भी जड़ खाली होने लगी है, जिससे छात्रावास भवन को खतरा पैदा हो गया है।
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छात्रावास की ओर से आने वाले बरसाती पानी के साथ साथ पहाड़ी के ऊपर की ओर से आने वाला बरसाती पानी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र की मिट्टी के भीतर रिस गया, जिससे यह भूस्खलन हुआ है और मौके पर बनाई गई अस्थायी दीवार गिर गई है। दोबारा अस्थायी ट्रीटमेंट शुरू किया जाएगा।
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प्रकाश चंद्र उप्रेती, सहायक अभियंता लोनिवि