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उत्तराखंड हाईकोर्ट: उत्तराखंड में बढ़ रही लंबित वादों की संख्या, जल्द हो निस्तारण: न्यायमूर्ति सांघी
Sat, 21 Oct 2023 12:02 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 21 Oct 2023 12:02 PM IST
सार
उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी को शुक्रवार को फुल कोर्ट रिफ्रेंस में भावपूर्ण विदाई दी गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लंबित वादों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए कोशिश की जाए कि वादों का शीघ्र निस्तारण हों ।
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उत्तराखंड नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी को शुक्रवार को फुल कोर्ट रिफ्रेंस में भावपूर्ण विदाई दी गई। वह 26 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 23 से दशहरा अवकाश के चलते विदाई समारोह शुक्रवार को आयोजित हुआ।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि “रूल ऑफ लॉ” की रक्षा करना न्यायपालिका व विधि व्यवसायियों की जिम्मेदारी है। उन्हें सन्तोष है कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाया । उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लंबित वादों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए कोशिश की जाए कि वादों का शीघ्र निस्तारण हों ।
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विदाई समारोह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने कहा कि उन्होंने 28 जून 2022 को उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का चार्ज लिया। बताया कि उन्होंने करीब 16 माह उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुल 17 साल बतौर जज के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, चार धामों की पवित्रता, देवभूमि की सुचिता, विकास योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखकर जिम्मेदारी से पेश आना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बताया ताकि विधि का शासन बना रहे।
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न्यायमूर्ति सांघी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में सेवाकाल के दौरान न्यायाधीशों, हाईकोर्ट बार, रजिस्ट्री कार्यालय, शासन प्रशासन व उनके स्टॉफ द्वारा दिये गए सहयोग के प्रति आभार जताया। इस मौके पर हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी के जीवन वृत्त की जानकारी देते हुए कहा कि न्यायमूर्ति सांघी कुशल अधिवक्ता, कुशल जज , कुशल प्रशासक, विद्वान व दार्शनिक व्यक्ति हैं।
विदाई समारोह में महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत ने भी मुख्य न्यायाधीश का जीवन वृत्त पढ़ा साथ ही उनके व उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की । इस अवसर पर न्यायमूर्ति शरद शर्मा, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक वर्मा, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा, शासकीय अधिवक्ता गजेंद्र सिंह संधू, मुख्य स्थायी अधिवक्ता चन्द्रशेखर रावत, वरिष्ठ अधिवक्ता डीके शर्मा, अवतार सिंह रावत, बार काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह पाल, एमसी कांडपाल, लोकेंद्र डोभाल आदिश उपस्थित थे।
सीजे के मुख्य फैसले
- देवेंद्र सिंह अधिकारी बनाम केंद्र सरकार जो कॉर्बेट पार्क में हुए अतिक्रमण से सम्बंधित है, उसमें सीबीआई जांच के आदेश दिए।
- जितेंद्र यादव बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में उत्तराखंड में प्लास्टिक कूड़े के निस्तारण व सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए।
- कमलेश तिवारी बनाम उत्तराखंड राज्य में युवा अधिवक्ताओं के लिए फंड की व्यवस्था कराने की बात कही।
- सचिदानन्द डबराल बनाम उत्तराखंड राज्य में रैगिंग में सख्ती से पाबंदी लगाने व रैंगिग होने पर सम्बंधित संस्थान के मुखिया को जिम्मेदार मानने का फैसला दिया।
- रविशंकर जोशी बनाम राज्य सरकार में उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति करने, अतिक्रमण के मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए।