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जमरानी: अब क्षेत्र में जमीन की खरीद फरोख्त प्रतिबंधित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 02:39 AM IST
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Jamrani: Now the purchase of land in the area is prohibited
हल्द्वानी। 40-45 साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद जमरानी बांध के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। भूमि अर्जन के लिए भूमि अध्यापत अधिनियम की धारा (11 एक ) के अनुरूप एक प्रारंभिक अधिसूचना, शासन की ओर से नियुक्त विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी नैनीताल की ओर से निर्गत कर दी गई है। धारा 11 लगने के बाद अब क्षेत्र में भूमि की खरीद फरोख्त प्रतिबंधित हो गई है।
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जमरानी बांध परियोजना की लागत मई 2018 के मूल्य स्तर पर 2584.10 करोड़ है, जिसमें अर्जन भूमि करीब 122 एकड़ है और प्रभावित परिवारों की संख्या करीब 1107 है। सरकार की ओर से इनका वर्गीकरण भी श्रेणी एक और दो में किया गया है। जिसमें श्रेणी एक में प्रभावित परिवार को एक एकड़ जमीन और श्रेणी दो में एक एकड़ जमीन का मूल्य दिया जाने का प्रावधान है।
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यह है अगला चरण
हल्द्वानी। जमरानी बांध के लिए शासन को भेजी गई पुनर्वास नीति का जिस रूप में भी अनुमोदन होगा उस अनुमोदन के बाद अगले चरण में इसमें एक पुनर्वास की योजना तैयार होगी और उसी नीति के प्रावधानों के अनुरूप ढांचागत सुविधाएं, बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल, शव दाहगृह, सिंचाई सुविधाएं मंदिर आदि विकसित होंगे।
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ग्रामीणों ने किया स्वागत
हल्द्वानी। जमरानी पुनर्वास संघर्ष समिति के अध्यक्ष नवीन पलड़िया ने धारा 11 लागू होने का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की ओर से कैबिनेट बैठक में ग्रामीणों की मांग और पुनर्वास के लिए जमीन एवं नीति का प्रस्ताव आचार संहिता से पहले पारित करने की मांग की है ताकि डूब परिवार संतुष्ट हो सके।
जमरानी परियोजना इकाई के भारत और ललित बने डीजीएम
हल्द्वानी। अब तक जमरानी में ईई पद पर तैनात भारत भूषण पांडे और ललित कुमार को जमरानी बांध परियोजना इकाई में उपमहाप्रबंधक बनाया गया है। बुधवार को दोनों अधिकारियों ने डीजीएम पद पर ज्वाइन कर लिया है।

कोट
जमरानी बांध निर्माण मील का पत्थर साबित होगा। रास्ता प्रशस्त हो गया है। धारा 11 लगने के बाद क्षेत्र में भूमि खरीद फरोख्त प्रतिबंधित हो गई है। परियोजना के प्रभाव में जो परिवार आ रहे हैं शासन से उन परिवारों के पुनर्वास के लिए एक प्रारूप पुर्नवास नीति शासन को कमिश्नर के माध्यम से भेज दी गई है।
-भारत भूषण पांडे, जमरानी बांध परियोजना इकाई उपमहाप्रबंधक।
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