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Nainital News: बच्चे के इलाज में लापरवाही मामले में जांच के आदेश
Sat, 20 Jun 2026 12:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 20 Jun 2026 12:21 AM IST
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के चिकित्साधीक्षक ने बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित की ओर से मामले में सीएम पोर्टल में शिकायत की गई गई थी।
पीड़ित अतुल सागर ने अपनी गर्भवती पत्नी पायल को एसटीएच में भर्ती कराया था। वह यहां रेफर होकर आई थी। 30 मई को दोपहर दो बजे पायल को नाॅर्मल डिलीवरी से लड़के को जन्म दिया। नवजात की हालत ठीक नहीं थी तो डॉक् ने उसे वेंटिलेटर पर रखा। 14 जून को सुबह करीब 9.30 बजे बच्चे को दूध पिलाने के लिए पायल को बुलाया गया और इसके एक घंटे बाद ही नवजात की मौत हो गई।
अतुल ने अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। आरोप यह भी था कि नवजात की मौत के बाद भी डॉक्टरों ने उसे बच्चा वापस करने में आनाकानी की। मामले में एसटीएच प्रशासन ने बालरोग विभाग के तीन डॉक्टरों के अलावा गायनी विभाग की एचओडी और नर्सिंग सुपरिटेंडेंट समेत पांच लोगों की टीम बनाकर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अरुण जोशी ने बताया कि जांच शुरू हो गई है और सभी से कई बिंदुओं पर 10 दिन में जांच पूरी करने के लिए कहा गया है।
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पीड़ित अतुल सागर ने अपनी गर्भवती पत्नी पायल को एसटीएच में भर्ती कराया था। वह यहां रेफर होकर आई थी। 30 मई को दोपहर दो बजे पायल को नाॅर्मल डिलीवरी से लड़के को जन्म दिया। नवजात की हालत ठीक नहीं थी तो डॉक् ने उसे वेंटिलेटर पर रखा। 14 जून को सुबह करीब 9.30 बजे बच्चे को दूध पिलाने के लिए पायल को बुलाया गया और इसके एक घंटे बाद ही नवजात की मौत हो गई।
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अतुल ने अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। आरोप यह भी था कि नवजात की मौत के बाद भी डॉक्टरों ने उसे बच्चा वापस करने में आनाकानी की। मामले में एसटीएच प्रशासन ने बालरोग विभाग के तीन डॉक्टरों के अलावा गायनी विभाग की एचओडी और नर्सिंग सुपरिटेंडेंट समेत पांच लोगों की टीम बनाकर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अरुण जोशी ने बताया कि जांच शुरू हो गई है और सभी से कई बिंदुओं पर 10 दिन में जांच पूरी करने के लिए कहा गया है।
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