जंगल सफारी: बाघिन-शावक को देखने फाटो जोन की बढ़ी मांग, छह हजार रुपये फुल डे जिप्सी के लिए खर्च कर रहे पर्यटक
तराई पश्चिमी वन प्रभाग का फाटो जोन इन दिनों पर्यटकों की पसंद बना हुआ है। पर्यटक इस जोन में बाघिन व उसका शावक देखना चाहते हैं। पर्यटकों की पसंद को देखते हुए विभाग की ओर से दस जिप्सियों को फुल-डे सफारी के लिए लगाया है।
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तराई पश्चिमी वन प्रभाग का फाटो जोन इन दिनों पर्यटकों की पसंद बना हुआ है। पर्यटक इस जोन में बाघिन व उसका शावक देखना चाहते हैं। पर्यटकों की पसंद को देखते हुए विभाग की ओर से दस जिप्सियों को फुल-डे सफारी के लिए लगाया है।
वर्ष 2022 में फाटो जोन को पर्यटकों के लिए खोला गया था। पर्यटन जोन में पर्यटकों के लिए ट्री हाउस, मड हाउस बनाए गए, जो पर्यटकों को लुभा रहे हैं। फाटो जोन में अब तक 215947 पर्यटकों ने जंगल सफारी की। इन पर्यटकों से विभाग को पांच करोड़ सोलह लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
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पर्यटन जोन में पिछले छह माह से एक बाघिन अपने शावक को बचाने की जद्दोजहद कर रही है। नर बाघ से शावक को बचाने के लिए उसने फेक मेटिंग भी की। अब भी वह शावक को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। इसी को देखने के लिए यहां पर्यटकों संख्या बढ़ गई हैं। ऐसे में विभाग की ओर से दस फुल डे जिप्सी सफारी शुरू की गई। इसके तहत पर्यटक सुबह छह बजे पर्यटन जोन में सफारी को जाएंगे, जो शाम को छह बजे तक जोन में जंगल सफारी करेंगे।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि फुल डे सफारी में 10 जिप्सियां पर्यटन जोन में जा रही हैं। पर्यटक फुल डे सफारी के लिए छह हजार रुपये खर्च कर रहे है। बाघिन व उसके शावक पर वन कर्मियों की नजरें हैं।