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Nainital News: भुजियाघाट-टोक मोरा सड़क के लिए 4.20 हेक्टेयर वन भूमि की सैद्धांतिक मंजूरी

Mon, 28 Sep 2026 02:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Mon, 28 Sep 2026 02:10 AM IST
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In-principle approval for 4.20 hectares of forest land for the Bhujiaghat-Tok Mora road.
नैनीताल। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भुजियाघाट से टोक मोरा तक सड़क निर्माण के लिए 4.20 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि के डायवर्जन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी एक से छह किलोमीटर तक के सड़क मार्ग के लिए दी गई है। आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया इस परियोजना की मंजूरी के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे।
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यह परियोजना लोक निर्माण विभाग और नैनीताल वन प्रभाग के अंतर्गत आती है। सहायक इंस्पेक्टर जनरल फॉरेस्ट नीलिमा शाह की ओर से जारी पत्र में स्टेज 1 मंजूरी का उल्लेख है। इसमें वन क्षेत्र में अधिकतम 538 पेड़ों की कटाई की सीमा तय की गई है, जिनमें 288 पौधे भी शामिल हैं। हालांकि, यह अंतिम स्वीकृति नहीं है।
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शर्तों के अनुसार, पेड़ों को काटने से पहले उनके स्थानांतरण की संभावनाएं तलाशनी होंगी। केवल अपरिहार्य स्थिति में ही पेड़ों की कटाई की जाएगी। कटाई की प्रक्रिया राज्य वन विभाग की निगरानी में होगी। वन भूमि के बदले 8.40 हेक्टेयर सिविल सोयम भूमि पर कुल 9,240 पौधे लगाए जाएंगे।
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पौधरोपण और रखरखाव की शर्तें
प्रस्तावित पौधरोपण स्थल ग्राम सेठी धरकोट पट्टी, मल्ली सेठी बेतालघाट बताया गया है। पौधरोपण का खर्च परियोजना एजेंसी को वहन करना होगा। लगाए गए पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी 10 वर्ष तक एजेंसी की रहेगी। राज्य सरकार को मंजूरी में लगाई गई सभी शर्तों का अनुपालन कर केंद्र सरकार को प्रस्तुत करना होगा।

ग्रामीणों की समस्याओं के लिए संघर्ष
समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया करीब चार वर्षों से इस सड़क के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त सहित कई अधिकारियों को लगातार पत्र भेजे थे। इन पत्रों में उन्होंने ग्रामीणों की आवाजाही की दिक्कतों का उल्लेख किया था। विशेष रूप से मरीजों और गर्भवतियों को होने वाली परेशानियों पर जोर दिया गया था।
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