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कोविड कर्फ्यू की आड़ में अवैध कारोबार
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हल्द्वानी। रेलवे स्टेशन के पास बुधवार की देर रात दो बजे गौला नदी से अवैध खनन रोकने पर घोड़े वालों ने वन दरोगा के साथ हाथापाई कर दी। वन दरोगा की शिकायत पर बनभूलपुरा पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के वन दरोगा डिकर सिंह को बुधवार रात में सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के समीप गौला नदी से घोड़े वाले अवैध खनन कर रहे हैं। रात दो बजे मौके पर पहुंचकर उन्होंने घोड़े वालों को अवैध खनन करने से मना किया। इस बीच घोड़े वाले वन दरोगा से बहस करने लगे। आरोप है कि वन दरोगा के साथ घोड़े वालों ने हाथापाई भी की। स्थिति गंभीर देखकर वह लौट गए। पता चला है कि रात में घोड़े वाले कई दिनों से अवैध खनन कर रहे हैं।
सुबह वन दरोगा ने अपने विभाग के उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद शाम के समय वन दरोगा ने घटना से बनभूलपुरा पुलिस को अवगत कराया। थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक ने बताया कि वन दरोगा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने वन अधिनियम के तहत गफूरबस्ती के रहने वाले शरीफ, फिरोज, बब्लू और हाशम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए छापा मारा लेकिन देर रात कोई आरोपी नहीं पकड़ा गया।
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मेडिकल कॉलेज में करने लगे मजार का निर्माण
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार की रात मजार पर निर्माण कार्य का हिंदूवादी संगठन ने विरोध किया। कोतवाली पुलिस ने निर्माण कार्य हटवाकर विवाद शांत कराया। पुलिस का कहना था कि बगैर प्राचार्य और जिला प्रशासन की अनुमति के निर्माण कार्य अवैध माना जाएगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मजार की रखवाली गफूरबस्ती निवासी शमशुल बाबा करते हैं। शमखुल ने निर्माणाधीन कोविड अस्पताल के मजदूरों से मजार की छत बनाने का अनुरोध किया। इसके लिए उसने लोहे के चार एंगल गड़वा दिया। इस मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारी कृष्ण गोपाल, जोगेंद्र राणा और भाजपा के मीडिया सेल से जुड़े मनोज कुमार सहित काफी लोग पहुंच गए और निर्माण कार्य का विरोध जताने लगे। हंगामे की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मजार के बाबा को बताया कि जिला प्रशासन और प्राचार्य की अनुमति के बगैर यहां निर्माण कार्य अवैध माना जाएगा। पुलिस के कहने पर लोहे की एंगल मजार से हटा दी गई। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि मजार पर अब निर्माण कार्य नहीं होगा।
चकलुवा में खनन का विरोध
कालाढूंगी। रामपुर, खड़कपुर, प्रतापपुर, लछमपुर के बरसाती नाले में रिवर ट्रेनिंग निधि के तहत स्वीकृत चुगान व खुदान का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को जैसे ही ठेकेदार ने नाले में जेसीबी लगाकर खुदान करना शुरू किया दर्जनों लोग मौके पर आ गए और खनन का विरोध करने लगे। इस पर ठेकेदार ने खनन रोक दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भी भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि नाले के निकट कई ग्रामीणों के घर हैं, पक्की सड़क भी है। नाले में खनन होने से नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। ज्ञापन देने वालों में हीरा देवी, रोहित राठौर, हयात सिंह, अशोक रावल, तारा जोशी, पप्पू कन्याल, कुंदन कन्याल, खुशाल देउपा, कुंदन देउपा, मंगल सिंह शामिल रहे। उधर पूर्व सैनिक हरीश देवपा का कहना है कि नाले के ऊपर हुए अतिक्रमण की जांच की जानी चाहिए।
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तराई पूर्वी वन प्रभाग के वन दरोगा डिकर सिंह को बुधवार रात में सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के समीप गौला नदी से घोड़े वाले अवैध खनन कर रहे हैं। रात दो बजे मौके पर पहुंचकर उन्होंने घोड़े वालों को अवैध खनन करने से मना किया। इस बीच घोड़े वाले वन दरोगा से बहस करने लगे। आरोप है कि वन दरोगा के साथ घोड़े वालों ने हाथापाई भी की। स्थिति गंभीर देखकर वह लौट गए। पता चला है कि रात में घोड़े वाले कई दिनों से अवैध खनन कर रहे हैं।
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सुबह वन दरोगा ने अपने विभाग के उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद शाम के समय वन दरोगा ने घटना से बनभूलपुरा पुलिस को अवगत कराया। थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक ने बताया कि वन दरोगा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने वन अधिनियम के तहत गफूरबस्ती के रहने वाले शरीफ, फिरोज, बब्लू और हाशम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए छापा मारा लेकिन देर रात कोई आरोपी नहीं पकड़ा गया।
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मेडिकल कॉलेज में करने लगे मजार का निर्माण
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार की रात मजार पर निर्माण कार्य का हिंदूवादी संगठन ने विरोध किया। कोतवाली पुलिस ने निर्माण कार्य हटवाकर विवाद शांत कराया। पुलिस का कहना था कि बगैर प्राचार्य और जिला प्रशासन की अनुमति के निर्माण कार्य अवैध माना जाएगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मजार की रखवाली गफूरबस्ती निवासी शमशुल बाबा करते हैं। शमखुल ने निर्माणाधीन कोविड अस्पताल के मजदूरों से मजार की छत बनाने का अनुरोध किया। इसके लिए उसने लोहे के चार एंगल गड़वा दिया। इस मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारी कृष्ण गोपाल, जोगेंद्र राणा और भाजपा के मीडिया सेल से जुड़े मनोज कुमार सहित काफी लोग पहुंच गए और निर्माण कार्य का विरोध जताने लगे। हंगामे की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मजार के बाबा को बताया कि जिला प्रशासन और प्राचार्य की अनुमति के बगैर यहां निर्माण कार्य अवैध माना जाएगा। पुलिस के कहने पर लोहे की एंगल मजार से हटा दी गई। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि मजार पर अब निर्माण कार्य नहीं होगा।
चकलुवा में खनन का विरोध
कालाढूंगी। रामपुर, खड़कपुर, प्रतापपुर, लछमपुर के बरसाती नाले में रिवर ट्रेनिंग निधि के तहत स्वीकृत चुगान व खुदान का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को जैसे ही ठेकेदार ने नाले में जेसीबी लगाकर खुदान करना शुरू किया दर्जनों लोग मौके पर आ गए और खनन का विरोध करने लगे। इस पर ठेकेदार ने खनन रोक दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भी भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि नाले के निकट कई ग्रामीणों के घर हैं, पक्की सड़क भी है। नाले में खनन होने से नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। ज्ञापन देने वालों में हीरा देवी, रोहित राठौर, हयात सिंह, अशोक रावल, तारा जोशी, पप्पू कन्याल, कुंदन कन्याल, खुशाल देउपा, कुंदन देउपा, मंगल सिंह शामिल रहे। उधर पूर्व सैनिक हरीश देवपा का कहना है कि नाले के ऊपर हुए अतिक्रमण की जांच की जानी चाहिए।