फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Hope to get new identity from CM's gift

Nainital News: सीएम के तोहफे से नई पहचान मिलने की उम्मीद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Mar 2023 11:07 PM IST
विज्ञापन
Hope to get new identity from CM's gift
पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में कलश यात्रा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत करती महिलाएं।
टनकपुर। पूर्णागिरि में हेलीपैड बनाने, मेले को वर्षभर संचालित करने की योजना बनाने, मेला अनुदान देने जैसी घोषणाओं के अमल में आने से न सिर्फ पूर्णागिरि बल्कि पूरे जिले को नई पहचान मिल सकती है।
विज्ञापन

उत्तर भारत के प्रसिद्ध मेले में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु उमड़ते हैं। पहले दिन ही पचास हजार से अधिक भक्त देवी मां के दर्शन कर लौट चुके हैं। बुधवार की दोपहर होली निपटने के बाद से ही धाम में दूर-दराज से लोगों के उमड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दिन-रात निरंतर जारी है। आसपास के क्षेत्रों के साथ ही बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, मुरादाबाद, अलीगढ़, संभल आदि क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने देवी मां के दरबार में मत्था टेककर मन्नतें मांगी।
विज्ञापन

मेले के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अलीगढ़, बरेली, बदायूं आदि क्षेत्रों से आए छह श्रद्धालुओं को ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर के लिए रवाना किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने उनसे पूर्णागिरि के प्रति उनकी आस्था और मेले की व्यवस्थाओं पर जानकारी भी जुटाई।
विज्ञापन
विज्ञापन



सीएम के काफिले के लिए यातायात रोकने से परेशान हुए श्रद्धालु
मुख्यमंत्री के हाथों मेले के उद्घाटन कार्यक्रम से दर्शन के लिए बाहर से आए कई यात्रियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने को पुलिस ने श्रद्धालुओं के वाहनों को बूम बैरियर के पास रोक दिया था। जिस कारण उन्हें करीब डेढ़ घंटा बूम बैरियर में खड़े रहकर मुख्यमंत्री के काफिले के वापस लौटने की प्रतीक्षा करनी पड़ी। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। खासकर छोटे बच्चों के साथ वाहनों में बैठी महिलाओं के लिए बच्चों को संभालना मुश्किल बना रहा। परेशान श्रद्धालुओं का कहना था कि प्रशासन को यातायात व्यवस्था ऐसी तय की जानी थी, जिससे वीआईपी और यात्री दोनों को सुविधा होती।

-सीएम को भेंट किया महिला समूह द्वारा तैयार प्रसाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांसद अजय टम्टा और अन्य अतिथियों को समूह की महिलाओं ने मेले में बेचने को तैयार किए प्रसाद के पैकेट और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत पीरूल से निर्मित की गई डलिया (टोकरी) भेंट कीं।

-सीएम ने भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद
धामी ने पूर्णागिरि मेले में भक्तों की टोली द्वारा लगाए गए भंडारे में प्रसाद भी ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा आयोजकों से भक्तों को शुद्ध और ताजा प्रसाद वितरित करने के साथ ही सफाई का ध्यान रखने के लिए भी कहा।
धार्मिक पर्यटन के विकास में बेहतर काम कर रही सरकार: टम्टा
सांसद अजय टम्टा ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन के विकास के लिए बेहतर काम कर रही है। कुमाऊं मंडल के धामों, मंदिरों को मानसखंड योजना में शामिल कर उन्हें धार्मिक पर्यटन में शामिल करने का ऐतिहासिक काम किया जा रहा है।
ये लोग थे मौजूद
भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार, बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल, मंदिर कमेटी अध्यक्ष किशन तिवारी, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, महामंत्री सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी, पूर्णागिरि ग्राम प्रधान मंजू पांडेय, बीडीसी सदस्य रविशंकर पांडेय, भाजपा मंडल अध्यक्ष तुलसी कुंवर, सरस्वती देवी, पूर्व पालिकाध्यक्ष हर्षवर्धन रावत, प्रकाश तिवारी, मुकेश महराना, गोविंद सामंत, दीप चंद्र पाठक, जिपं सदस्य किरन देवी, मुकेश भट्ट, सीएम के विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, संजय जोशी, मुकेश साहू, नारायण दत्त तिवारी, मनोज पांडेय, शेखर पांडेय, डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी, प्रभारी एसपी अमित श्रीवास्तव, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम सुंदर सिंह, सीओ अविनाश वर्मा, एआरटीओ सुरेंद्र कुमार, मेला अधिकारी एएमए भगवत पाटनी, तहसीलदार पिंकी आर्या आदि मौजूद थीं।


देवी धाम में बढ़ रहा देवियों का मान
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि मंदिर समिति के लिए होने वाले चुनाव में भले ही महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं है, लेकिन मेले में महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है। उन्हें देवी दरबार में चढ़ाने वाले प्रसाद को बेचने की जिम्मेदारी दी गई है। धाम में तीन समूह (जय कालसन बाबा, नारी शक्ति और जय गुरु गोरखनाथ स्वयं सहायता समूह) इस काम में जुटे हैं।
जय कालसन बाबा समूह की लक्ष्मी भट्ट और बसंती देवी ने बताया कि समूह को प्रसाद वितरित करने के लिए मेला संचालन समिति की ओर से मेला स्थल में स्टॉल दिया गया है। प्रसाद वितरण के लिए समूह की ओर से महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रसाद वितरण की इजाजत 2020 में दे दी गई थी लेकिन शुरुआती दो साल कोरोना की वजह से बर्बाद हुए। पिछले साल जरूर छिटपुट काम हुआ। इस बार बेहतर मुनाफे की उम्मीद है। महिलाओं का कहना है कि इन प्रयासों की कामयाबी के बाद वे देवी को चढ़ने वाली चुनरी बनाने का काम भी करेंगे।



व्यवस्था संवारने में मददगार बन रहे महिला स्वयंसेवक

पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। महिला स्वयंसेवक मेले की व्यवस्था बनाने में जिम्मेदारी निभा रही है। मेला संचालन समिति ने इसके लिए चार (सोनी, रानी, आकांक्षा और उज्जवला) महिलाओं की तैनाती की है। मेले में महिलाओं को होने वाली दिक्कतों को दूर करने में इन स्वयंसेवकों की अहम भूमिका है। बच्चों के भटकने से लेकर महिलाओं से संबंधित किसी घटना के होने पर इन महिला स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी रही है। ठुलीगाड़, भैरव मंदिर, काली मंदिर सहित अन्य जरूरत वाली जगहों में इनकी तैनाती होती है।


पूर्णागिरि धाम में लगे हैं सात भंडारे
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। सरकारी मेला शुरू होने के साथ ही मां पूर्णागिरि धाम में भंडारे का भी आयोजन शुरू हो गया है। पहले दिन सात भंडारे लगाए गए। भंडारे में हलवा, खीर, खिचड़ी, पूड़ी, कड़ी, छोले, चावल आदि का प्रसाद ग्रहण करने वालों की लंबी कतार लगी रही। अलीगंज के लकी कश्यप, शैलेश गुप्ता ने बृहस्पतिवार से छह दिवसीय भंडार शुरू किया। उनकी 29 सदस्यीय टीम इस काम में हाथ बंटा रही है। पहली बार भंडारा करा रहे कश्यप और गुप्ता बताते हैं कि पिछले साल तक दूसरे भंडारों में प्रसाद ग्रहण करने के बाद उन्हेंं भंडारे का विचार आया। मेला मजिस्ट्रेट सुंदर सिंह ने बताया कि इस बार भंडारा कराने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है।-


ओवर रेटिंग पर नहीं दिखा प्रशासन का शिकंजा

पूर्णागिरि मेले के पहले दिन हीं ओवर रेटिंग पर मेला प्रशासन को कोई नियंत्रण नजर नहीं आया। ज्यादातर दुकानों में सामानों के रेट की सूची या तो चस्पा नहीं है या फिर ऐसी जगह चस्पा की गई है, जहां खरीदार यात्रियों की नजर ही न पड़े। यात्रा के अंतिम मोटर स्टेशन भैरव मंदिर में ही बीस रुपये की कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल पचास प्रतिशत अधिक दाम यानि तीस रुपये में मिल रही है। ऐसे ही खाने-पीने के अन्य सामानों के रेट भी पचास प्रतिशत से अधिक वसूले जा रहे हैं। ये स्थिति तब है जब प्रशासन की और से ओवर रेटिंग पर सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम सुंदर का कहना है कि ओवर रेटिंग के मामले को दिखवाया जाएगा। ऐसा पाया गया तो कार्रवाई होगी।

पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में कलश यात्रा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत करती महिलाएं।

पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में कलश यात्रा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत करती महिलाएं।

पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में कलश यात्रा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत करती महिलाएं।

पूर्णागिरि मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में कलश यात्रा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत करती महिलाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed