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हाईकोर्ट : अवैध खनन और स्टोन क्रशरों के मामले में सुनवाई एक को

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 01:39 AM IST
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High Court: One to one hearing in the case of illegal mining and stone crushers
नैनीताल। हाईकोर्ट ने प्रदेश की माइनिंग पॉलिसी के खिलाफ अवैध खनन, बिना पीसीबी की अनुमति के और आबादी क्षेत्रों में संचालित स्टोन क्रशरों के मामले में दायर 38 से अधिक जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सितंबर की तिथि नियत की है।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार बाजपुर निवासी रमेश लाल, मिलख राज, रामनगर निवासी शैलजा साह, त्रिलोक चंद्र, जयप्रकास नौटियाल, आनंद सिंह नेगी, वर्धमान स्टोन क्रशर, शिव शक्ति स्टोन क्रशर, बलविंदर सिंह, सुनील मेहरा, गुरमुख स्टोन क्रशर सहित अन्य 29 से अधिक लोगों ने हाईकोर्ट में जनहित और इससे संबंधित याचिकाएं दायर की हैं। ये याचिकाएं विभिन्न बिंदुओं को लेकर दायर की गई हैं। कुछ याचिकाओं में प्रदेश की खनन नीति को चुनौती दी गई है तो कुछ आबादी क्षेत्रों में चल रहे स्टोन क्रशरों को हटाने के खिलाफ दायर की गई हैं। कुछ जनहित याचिकाओं में स्टोन क्रशरों की ओर से अवैध रूप से किए जा रहे खनन तथा कुछ स्टोन क्रशरों के पीसीबी के मानकों को पूरा नहीं करने के खिलाफ हैं।
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शैलजा साह ने जनहित याचिका में कहा है कि अल्मोड़ा के मासी में रामगंगा नदी के किनारे से 60 मीटर दूरी पर रामगंगा स्टोन क्रशर लगाया गया है जो पीसीबी के नियमों के विरुद्ध है। दूसरा बाजपुर के रमेश लाल ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि कोसी नदी में स्टोन क्रशर मालिकों की ओर से अवैध खनन किया जा रहा है और कुछ स्टोन क्रशर नेशनल पार्कों सटे स्थानों पर लगाए गए हैं।
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