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Nainital News: हरिबोधिनी एकादशी व्रत आज, मांगलिक कार्यों की होगी शुरुआत
Sat, 01 Nov 2025 02:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:56 AM IST
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हल्द्वानी। आज देवोत्थानी हरिबोधिनी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु हरिशयन के बाद जागकर भगवान शिव से कार्य भार ग्रहण करेंगे। इसी दिन एकादशी का व्रत होगा और शुभ कार्याें की शुरुआत भी होगी। दो नवंबर को तुलसी शालिग्राम विवाह होगा। इसी दिन श्री सत्यनारायण भगवान की कथा पूजा और देवों की पूजा स्थापना का काम शुरू हो जाएगा। 22 से 30 नवंबर तक और 11 एवं 12 दिसंबर को विवाह का शुभ मुहूर्त है।
16 नवंबर को दोपहर 1.37 बजे सूर्य भगवान तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे जिसके साथ ही मार्गशीर्ष मास का प्रारंभ हो जाएगा। इसके साथ ही विवाह के लग्न भी शुरू हो जाएंगे जो कि 15 दिसंबर तक चलेंगे। 16 दिसंबर से 13 जनवरी तक खर मास होने से विवाह लग्न नहीं होंगे। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार 2, 3, 7, 8, 12 और 13 नवंबर को भी तुलसी विवाह के बाद आंशिक आपातकालीन लग्न है लेकिन कुमाऊं की परंपरा में यह विवाह मान्य नहीं हैं। इधर लोगों ने खरीदारी शुरू कर दी है। पूजा के बर्तन, मांगलिक वस्त्र, पूजन सामग्री के अलावा पारंपरिक रंगवाली पिछौड़ा, आभूषणों की खरीदारी के लिए ग्राहक आने लगे हैं। कपड़ा व्यापारी तनुज गुप्ता के अनुसार अब बाजार में रौनक बढ़ जाएगी। सराफा कारोबारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि सोने-चांदी के भावों में कमी आने से लोग खरीदारी के लिए पहुंचने लगे हैं।
दोषों में न करें विवाह
प्रतिपदा तिथि को मूल होने पर, पंचमी तिथि को भरूणी नक्षत्र होने पर, अष्टमी को कृतिका, नवमी को रोहणी, दशमी को अश्लेषा, नक्षत्र में भूलकर भी विवाह नहीं करना चाहिए।
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16 नवंबर को दोपहर 1.37 बजे सूर्य भगवान तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे जिसके साथ ही मार्गशीर्ष मास का प्रारंभ हो जाएगा। इसके साथ ही विवाह के लग्न भी शुरू हो जाएंगे जो कि 15 दिसंबर तक चलेंगे। 16 दिसंबर से 13 जनवरी तक खर मास होने से विवाह लग्न नहीं होंगे। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार 2, 3, 7, 8, 12 और 13 नवंबर को भी तुलसी विवाह के बाद आंशिक आपातकालीन लग्न है लेकिन कुमाऊं की परंपरा में यह विवाह मान्य नहीं हैं। इधर लोगों ने खरीदारी शुरू कर दी है। पूजा के बर्तन, मांगलिक वस्त्र, पूजन सामग्री के अलावा पारंपरिक रंगवाली पिछौड़ा, आभूषणों की खरीदारी के लिए ग्राहक आने लगे हैं। कपड़ा व्यापारी तनुज गुप्ता के अनुसार अब बाजार में रौनक बढ़ जाएगी। सराफा कारोबारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि सोने-चांदी के भावों में कमी आने से लोग खरीदारी के लिए पहुंचने लगे हैं।
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दोषों में न करें विवाह
प्रतिपदा तिथि को मूल होने पर, पंचमी तिथि को भरूणी नक्षत्र होने पर, अष्टमी को कृतिका, नवमी को रोहणी, दशमी को अश्लेषा, नक्षत्र में भूलकर भी विवाह नहीं करना चाहिए।
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