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Haldwani Violence: बेबस लोग पैदल चलने को हुए मजबूर, नहीं मिले साधन; मुसाफिरों ने कई किलोमीटर पैदल तय किया सफर

Sat, 10 Feb 2024 11:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 10 Feb 2024 11:55 AM IST
सार

हल्द्वानी शहर में हिंसा के बाद लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हिंसा के बाद बेबस लोग पैदल चलने को मजबूर हुए। उन्हें साधन नहीं मिले। घर जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर तय किया।

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Haldwani Violence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली, देहरादून सहित अन्य शहरों से पहाड़ के लिए आ रहे लोग दिनभर वाहनों की तलाश में पैदल भटकते रहे। दोपहर बाद वाहन नहीं मिलने से लोग परेशान भी रहे। कुछ लोगों को मनमाने किराये पर ले जाने के लिए डग्गामार वाहन चालक तैयार हुए।
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शहर में बवाल के बाद कर्फ्यू लगने के बावजूद दिल्ली, देहरादून, रुद्रपुर आदि शहरों से हल्द्वानी के लिए बसें आती रहीं। मगर इन बसों को टीपीनगर तिराहे से मंडी रोड पर भेज दिया गया। मंडी गेट से आगे बसों के जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। इस कारण लोगों को यहां से पैदल ही रोडवेज बस अड्डे और टैक्सी की खोज में शहर का रुख करना पड़ा। 
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दिल्ली से अपने बेटे के साथ अल्मोड़ा जाने को पहुंचे नंदकिशोर ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी। अगर पता होता कि गाड़ियां नहीं चलेंगी तो आते ही नहीं। बताया कि एक किलोमीटर से अधिक दूरी से पैदल सामान लेकर आ रहे हैं, अब गाड़ी मिल जाए तो किसी तरह घर पहुंच जाएंगे। 
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वहीं अल्मोड़ा अपने घर जा रहे प्रमोद सिंह (21) ने बताया कि घर में जरूरी काम के लिए आज ही पहुंचना है। इसलिए एक घंटे से गाड़ी ढूंढ रहे हैं लेकिन यहां कोई साधन नहीं है। नैनीताल जाने के लिए बस को खोज रही तान्या और श्रुति ने बताया कि कोई साधन ही नहीं मिल रहा है। 

परेशान युवतियां मीडियाकर्मियों से ही मदद मांगने लगी। वहीं शाम को पहाड़ से एक केमू बस के पहुंचने पर उसे तिकोनिया पर रोक दिया गया। बस से सामान लेकर पैदल जा रही महिलाओं ने बताया कि उन्हें कठघरिया जाना है लेकिन ऑटो नहीं मिल रहा है।
 

गौलापार जाना था भेज दिया रामपुर रोड
दोपहर करीब एक बजे तीन महिलाएं पैदल बरेली रोड पर जा रही थी। तब सिंधी चौराहे पर पुलिसकर्मियों ने उनको रोककर पूछा तो दो महिलाओं ने बताया कि वह अस्पताल से आ रही हैं और गौलापार जाना है, इसलिए तीनपानी की ओर जा रही हैं। 

 

इस पर पुलिसकर्मियों ने रास्ता बंद होने की बात कहते हुए उनको रामपुर रोड से घूमकर जाने को कह दिया। वहीं बरेली रोड पर रहने वाली तीसरी महिला को भी रामपुर रोड से जाने को कहा जबकि उनका घर सिंधी चौराहे से कुछ ही दूरी पर था।

दिल्ली और पहाड़ के लिए चलीं कुछ बस, शेष सेवा रही बंद

हल्द्वानी शहर में कर्फ्यू के बीच शुक्रवार को हल्द्वानी से रोडवेज की करीब 45 बसें पहाड़ और दिल्ली रूट पर भेजी गईं। मगर इनमें सवारी नाममात्र की मिलीं, जिससे बसों के तेल का भी खर्च नहीं निकल सका। हल्द्वानी बस अड्डे से शुक्रवार सुबह से दोपहर तक बसों का संचालन हुआ। इस दौरान एक बस टनकपुर भेजी गई, जो काठगोदाम से गौलापार होते हुए चोरगलिया के रास्ते गई और उसी रास्ते वापस आयी। परिचालक ने बताया कि जाते समय बस में छह सवारियां थीं, लेकिन वापसी में बस खाली आई। 

 

हल्द्वानी से पहाड़ की ओर जाने वाली अधिकतर रूट की बसों को रोडवेज ने संचालित किया। दिल्ली, देहरादून, मुरादाबाद के लिए भी बसें भेजी गईं। मगर दिल्ली से पहाड़ जाने वाली बसों को बस अड्डे की ओर नहीं आने दिया गया। रास्ते से ही बसों को लालडांठ रोड की ओर डायवर्ट कर भेजा गया। जबकि दिल्ली से हल्द्वानी आने वाली बसों को मंडी गेट के पास रुकवाकर वहां से संचालन किया गया।

 

एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि दिल्ली के लिए दोपहर तक 12 बसें भेजी गई थीं। शाम तक सवारी होने पर कुछ बसें और भेजने की तैयारी है। शुक्रवार को करीब 45 बसें संचालित की गई। हालांकि शाम को दिल्ली के लिए चलने वाली ऑनलाइन बसों की बुकिंग भी लोगों ने कैंसिल करना शुरू कर दिया था। जबकि नैनीताल सहित अन्य लोकल रूट पर बसें बंद रहीं।

 

केएमओयू बस सेवा रही ठप
शुक्रवार को केएमओयू की बस सेवा भी सवारी नहीं होने के कारण ठप रही। हालांकि सुबह के समय केएमओयू बसें रोडवेज बस अड्डे के पास नंबर पर खड़ी थी। मगर सवारी नहीं होने के कारण बसें नहीं जा सकी। केएमओयू के अधिशासी अधिकारी हिम्मत सिंह नयाल ने बताया कि सवारी नहीं होने के कारण बसें नहीं चली हैं, हालांकि अल्मोड़ा में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए 40 बसें मांग के अनुरूप भेजी गईं।
 

ट्रैफिक किया डायवर्ट, सड़कों पर पुलिस ने जांचे वाहन
हल्द्वानी शहर में कर्फ्यू लागू होने के बावजूद सिर्फ बनभूलपुरा में ही वाहनों की आवाजाही बंद रही, जबकि शेष शहर में इसका असर कम ही नजर आया। रुद्रपुर, बरेली, रामनगर से शहर की ओर आ रहे वाहनों को पुलिस ने बीच से ही डायवर्ट कर दिया। वहीं शहर में घूम रहे वाहनों की भी तलाशी ली गई। कर्फ्यू के बीच हल्द्वानी के नैनीताल रोड पर वाहनों की आवाजाही होती रही। सुबह से दोपहर तक वाहन यहां चलते रहे, लेकिन शाम होने से पहले ही पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी थी। रामपुर रोड पर देवलचौड़ चौराहे तक बस, कार, ई रिक्शा, ऑटो भी बेधड़क आते रहे। मगर यहां से बसों को मंडी और पहाड़ जाने वाले वाहनों को छड़ायल रोड की ओर डायवर्ट कर दिया गया। यहां से शहर की ओर वाहनों की आवाजाही सुबह 9 बजे के बाद बंद कर दी गई। वहीं तीनपानी में बरेली रोड से आने वाले वाहनों को रोका गया और पहाड़ जाने वालों को वाया देवलचौड़ चौराहे होते हुए भेजा गया। 
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