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Nainital News: तंबाकू पहले शौक...फिर लत और अंत में डॉक्टर ही सहारा, अस्पताल में हर माह 100 लोग पहुंच रहे
Sat, 31 May 2025 11:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Updated Sat, 31 May 2025 11:13 AM IST
सार
तंबाकू की आदत छोड़ने के लिए लोग अस्पताल का रुख कर रहे हैं। करीब 100 लोग तंबाकू की लत से पीछा छुड़ाने के लिए हर माह बीडी पांडे अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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तंबाकू, धूम्रपान
विस्तार
लत में बदल चुकी तंबाकू की आदत छोड़ने के लिए लोग अस्पताल का रुख कर रहे हैं। करीब 100 लोग तंबाकू की लत से पीछा छुड़ाने के लिए हर माह बीडी पांडे अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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बीडी पांडे अस्पताल की मनोवैज्ञानिक डॉ. मेघना परवाल का कहना है कि वर्तमान जीवन शैली व तनाव के चलते ज्यादातर लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। शुरुआत में यह आदत लोगों को अच्छी लगती है, लेकिन कुछ वर्ष तंबाकू का सेवन करने के बाद लोगों को नुकसान महसूस होता है। तब तक देर हो चुकी होती है। लाख कोशिश के बाद भी लोग तंबाकू का सेवन नहीं छोड़ पाते हैं। बताया कि लगभग 100 लोग प्रतिमाह बीडी पांडे अस्पताल तंबाकू छोड़ने का मन बनाकर पहुंचते हैं। इनकी काउंसलिंग की जाती है और तंबाकू की आदत छुड़ाने के लिए निकोटिन च्विंगम दी जाती है।
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दृढ़ संकल्प और काउंसलिंग जरूरी
डॉ. मेघना परवाल ने बताया कि तंबाकू का नशा छोड़ने के लिए व्यक्ति को खुद मन बनाना होता है। लगातार काउंसलिंग भी जरूरी है। बताया कि उनके पास आने वाले सौ में से लगभग 25 लोग लगातार अस्पताल में आकर निकोटिन लेते हैं। ये लोग तंबाकू की लत छोड़ने में सफल भी होते हैं।
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10 रुपये का धुआं उजाड़ रहा जिंदगी
उत्तराखंड में 31 लाख से अधिक लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। इनमें 15 वर्ष तक की आयु के लगभग 86 फीसदी और 10 वर्ष की आयु तक के 30 फीसदी बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़े और स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
10 रुपये के सिगरेट और तंबाकू के पैकेट से अलग-अलग प्रकार के कैंसर देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके सेवन से तनाव और चिंता बढ़ने के अलावा सामाजिक और आर्थिक समस्याएं होती हैं। निकोटिन होने के कारण आसानी से लत लग जाती है। तंबाकू से सबसे ज्यादा मुंह का कैंसर होता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो राज्य में हर दिन 200 नए लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। तंबाकू कंट्रोलर और एसीएमओ डॉ. चंद्रा पंत ने बताया कि तंबाकू छोड़ने के लिए नशा मुक्ति केंद्र, योग और व्यायाम का सहारा लिया जा सकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जगह जगह शिविर लगाए जाते हैं। सरकारी संस्थाओं के आसपास तंबाकू बेचने पर चालान किया जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू का सेवन करने पर जिले में एक साल में कोटपा के तहत तीन हजार चालान हुए हैं और 2 लाख दो हजार रुपये का राजस्व एकत्र हुआ है। सार्वजनिक स्थान स्कूल, कॉलेज, अस्पताल आदि के आसपास तंबाकू बेचने पर 119 व्यवसायियों का चालान और 23 हजार रुपये राजस्व वसूला है।
नैनीताल जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के 35 फीसदी युवक और 5.2 फीसदी युवतियां किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। इनमें 15 से 20 नए लोग हर रोज तंबाकू खा रहे हैं।- डॉ. चंद्रा पंत, तंबाकू कंट्रोलर, एसीएमओ