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त्रिवेंद्र रावत कालाढूंगी आने वाले पहले भाजपाई सीएम
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हल्द्वानी, कालाढुंगी रामलीला मैदान में आयोजित में नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में आयोजित
कालाढूंगी (नैनीताल)। राज्य बनने के बाद से कालाढूंगी क्षेत्र में किसी भी भाजपाई मुख्यमंत्री ने जनसभा या कार्यक्रम नहीं किया था। 19 साल के बाद शुक्रवार को पहला मौका था जब भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कालाढूंगी में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर जनसभा को संबोधित किया।
इसके साथ ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत कालाढूंगी पहुंचने वाले भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। गौरतलब है कि नौ नवंबर 2000 में राज्य गठन के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता नित्यानन्द स्वामी ने राज्य की बागडोर संभाली। उसके बाद भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कोई भी सीएम कालाढूंगी पहुंचकर जनता से रूबरू नहीं हुए। शुक्रवार को कालाढूंगी पहुंचकर सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दिखा दिया कि वह सीधे जनता से जुड़े हैं। बता दें कि सितंबर 2017 में भी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कालाढूंगी आने का कार्यक्रम रद्द हो चुका है।
विधायक भगत ने रैली में पहुंचने पर दिया धन्यवाद
सूत्रों के अनुसार सीएए के समर्थन में कालाढूंगी में आयोजित रैली में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को रैली स्तर तक लाने के लिए 55 बसों की व्यवस्था की गई थी। रैली में लगभग चार से पांच हजार लोगों ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं की भीड़ देख रैली संयोजक क्षेत्रीय विधायक बंशीधर भगत गदगद हो गए। उन्होंने मंच से सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया।
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‘सीएम साहब हमारी भी सुनो’ नारे लगाए
कार्यक्रम स्थल पर सीएम के संबोधन के दौरान कोटाबाग से आए युवकों ने ‘सीएम साहब हमारी भी सुनो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे प्रशासनिक अधिकारी और कार्यक्रम आयोजक सकते में आ गए। बाद में पुलिस के दखल के बाद युवकों को शांत कराया। युवकों की मांग थी कि कि कोटाबाग मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाकर सड़क चौड़ीकरण किया जाए।
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इसके साथ ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत कालाढूंगी पहुंचने वाले भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। गौरतलब है कि नौ नवंबर 2000 में राज्य गठन के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता नित्यानन्द स्वामी ने राज्य की बागडोर संभाली। उसके बाद भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कोई भी सीएम कालाढूंगी पहुंचकर जनता से रूबरू नहीं हुए। शुक्रवार को कालाढूंगी पहुंचकर सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दिखा दिया कि वह सीधे जनता से जुड़े हैं। बता दें कि सितंबर 2017 में भी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कालाढूंगी आने का कार्यक्रम रद्द हो चुका है।
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विधायक भगत ने रैली में पहुंचने पर दिया धन्यवाद
सूत्रों के अनुसार सीएए के समर्थन में कालाढूंगी में आयोजित रैली में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को रैली स्तर तक लाने के लिए 55 बसों की व्यवस्था की गई थी। रैली में लगभग चार से पांच हजार लोगों ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं की भीड़ देख रैली संयोजक क्षेत्रीय विधायक बंशीधर भगत गदगद हो गए। उन्होंने मंच से सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया।
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‘सीएम साहब हमारी भी सुनो’ नारे लगाए
कार्यक्रम स्थल पर सीएम के संबोधन के दौरान कोटाबाग से आए युवकों ने ‘सीएम साहब हमारी भी सुनो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे प्रशासनिक अधिकारी और कार्यक्रम आयोजक सकते में आ गए। बाद में पुलिस के दखल के बाद युवकों को शांत कराया। युवकों की मांग थी कि कि कोटाबाग मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाकर सड़क चौड़ीकरण किया जाए।