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Uttarakhand: उत्तराखंड में नेत्रहीनों का दुनिया देखने का सपना अधूरा, आई कलेक्शन सेंटर न होने से आ रही दिक्कत
Sun, 22 Oct 2023 12:29 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sun, 22 Oct 2023 12:29 PM IST
सार
प्रदेश में तीन आई बैंक हैं, इसमें एक कुमाऊं और दो गढ़वाल मंडल में है। कुमाऊं में एक साल पहले ही आई बैंक और नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हुई है पर 33 लोगों के ही नेत्र प्रत्यारोपण हो सके हैं। पांच लोग अब भी वेटिंग लिस्ट में हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कुमाऊं समेत पूरे राज्य में कॉर्निया कलेक्शन सेंटर नहीं होने से कई नेत्रहीनों का दुनिया देखने का सपना अधूरा है। प्रदेश के तीन आई बैंकों में आंखों के प्रत्यारोपण होते हैं लेकिन सिर्फ उसी सूरत में जब बैंक के आसपास का कोई व्यक्ति अपने परिजन की मृत्यु होने पर नेत्रदान की इच्छा जताता है। नेत्रदान मामले में अगर थोड़ी सी भी देर हुई तो कॉर्निया खराब हो जाता है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आई कलेक्शन सेंटर खुल जाए तो कई नेत्रहीनों की आंखों की रोशनी लौट सकती है क्योंकि 15 दिन तक कॉर्निया स्टोर रखा जा सकता है। प्रदेश में तीन आई बैंक हैं, इसमें एक कुमाऊं और दो गढ़वाल मंडल में है। कुमाऊं में एक साल पहले ही आई बैंक और नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हुई है पर 33 लोगों के ही नेत्र प्रत्यारोपण हो सके हैं। पांच लोग अब भी वेटिंग लिस्ट में हैं। अस्पताल में आखिरी नेत्र प्रत्यारोपण करीब पंद्रह दिन पहले हुआ था। इसके बाद से कार्निया मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
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सितंबर में सेहत पर सितम सबसे ज्यादा पड़े बीमार
सितंबर सेहत के लिहाज से मुश्किल भरा रहा। इस बात की पुष्टि मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के आंकड़े कर रहे हैं। इस साल सितंबर में सबसे ज्यादा 42152 मरीज एसटीएच की ओपीडी में पहुंचे और 3936 लोग भर्ती हुए।
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एसटीएच के आंकड़ों के मुताबिक, अस्पताल की ओपीडी में सबसे कम मरीज जनवरी में 34015 पहुंचे थे। सितंबर में ही सबसे ज्यादा 3936 रोगी भर्ती हुए। डॉक्टरों के मुताबिक, सितंबर के मुकाबले अक्तूबर में मरीजों की संख्या घटी है। बता दें कि एसटीएच में नेपाल से भी हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
मरीजों का सुशीला तिवारी अस्पताल पर भरोसा है, उन्हें यहां बेहतर इलाज मिलता है। कुमाऊं के साथ ही नेपाल, यूपी के नजदीकी जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहेड़ी, रामपुर और मुरादाबाद से मरीज पहुंचते हैं। -डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
महीना कुल ओपीडी कुल भर्ती सीटी स्कैन एमआरआई एक्सरे अल्ट्रासाउंड
जनवरी 34015 2965 1433 112 7916 613
फरवरी 37381 2891 1578 0 8667 797
मार्च 39534 3268 1665 0 8991 855
अप्रैल 37146 3180 1866 0 8688 836
मई 41662 3272 1922 146 9552 1064
जून 40265 3099 1786 733 9045 1157
जुलाई 41366 3350 1836 872 8731 1272
अगस्त 40327 3723 1892 803 9019 1324
सितंबर 42152 3936 1783 873 9581 1474
नोट- मशीन बदलने के चलते फरवरी, मार्च और अप्रैल में एमआरआई नहीं हो सके।
स्थानाभाव के कारण नहीं बन पाई थी बीडी पांडे अस्पताल की सीसीयू
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांश सिंह ने बताया कि बीडी पांडे अस्पताल के लिए पूर्व में क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) स्वीकृत थी लेकिन अस्पताल में जगह की कमी के चलते यह नहीं बन पाई जबकि जिला अस्पताल में सीसीयू की खास जरूरत है। बताया कि जगह की व्यवस्था होने पर दोबारा सीसीयू स्थापित करने की कवायद होगी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगे उपकरण व सभी मशीन हमेशा चलती हालत में होनी चाहिए और हमेशा चलने के साथ उपकरण समय के साथ अपग्रेड होने चाहिए। इस दौरान स्वास्थ्य निदेशक डॉ. तारा आर्या, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, डॉ. एमएस दुग्ताल, डॉ. संजीव खर्कवाल, डॉ. अनिरुद्ध गंगोला, मेट्रन शशिकला पांडे, आईके जोशी मौजूद रहे। इधर, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी का कहना है कि बीडी पांडे अस्पताल प्रबंधन को रोजाना निरीक्षण कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
मेडिकल कॉलेज में 25 तक पूरे होंगे दाखिले
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में पीजी की सीटों के लिए दाखिले की प्रक्रिया जारी है। 25 अक्तूबर तक प्रकिया पूरी हो जाएगी। जनसंपर्क अधिकारी आलोक उप्रेती ने बताया कि ऑल इंडिया कोटे की 35 सीटों के सापेक्ष दाखिले हो गए हैं। राज्य की सीटों पर दाखिला प्रक्रिया जारी है।
जेआर के लिए फिर होंगे साक्षात्कार
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभाग में छह जूनियर रेजिडेंट के लिए साक्षात्कार हुए थे। इसमें अभ्यर्थी नहीं पहुंचे। प्राचार्य डॉ. अरुण जाशी ने बताया कि संविदा पर जेआर नियुक्ति के साक्षात्कार में अभ्यर्थी नहीं आए। फिर से साक्षत्कार के लिए दिन तय किया जाएगा।