{"_id":"67ec53eafe27464c6203f3c2","slug":"experienced-hands-carry-forward-history-century-itc-lalkuan-news-c-8-1-bly1004-538128-2025-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: सेंचुरी के गौरवशाली इतिहास को आईटीसी के साथ आगे बढ़ाएंगे मंझे हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: सेंचुरी के गौरवशाली इतिहास को आईटीसी के साथ आगे बढ़ाएंगे मंझे हाथ
Wed, 02 Apr 2025 02:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 02 Apr 2025 02:30 AM IST
विज्ञापन
लालकुआं (नैनीताल)। सेंचुरी पेपर मिल को आईटीसी कंपनी ने खरीद जरूर लिया है, मगर इसके गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने का काम पुराने अधिकारी और कर्मचारी ही करेंगे। एशिया की अग्रणी पेपर मिलों में शुमार सेंचुरी मिल के सीईओ ने स्पष्ट कर दिया है कि यहां कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं सामान्य रूप से पूर्व की भांति संचालित रहेंगी।
सेंचुरी पेपर मिल वर्ष 1984 में स्थापित हुई। उम्दा किस्म का कागज बनाने के मामले में इसकी डिमांड पूरे देश-दुनिया में है। इस मिल में नौकरी करना हर किसी का एक सपना रहा है। सेंचुरी ने अपने कर्मचारियों को ए ग्रेड सुविधाएं मुहैया कराईं। प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से यह लाखों लोगों के रोजगार का जरिया बनी। या यूं कहा जाए कि यह इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ रही। सेंचुरी पेपर मिल ने वर्ष 1981 में कागज उद्योग के क्षेत्र में कदम रखा और एक के बाद एक नई उपलब्धियां हासिल कीं।
राष्ट्रीय स्तर पर कई अवॉर्ड भी जीते। दो सौ एकड़ से अधिक भूमि में फैली सेंचुरी पेपर मिल के कारखाना के अलावा कर्मचारियों के क्वार्टर भी बड़े भूखंड पर बने हैं। पेपर मिल सीएसआर फंड के तहत भी क्षेत्र के आर्थिक विकास में बहुत बड़ा रोल अदा करते रही। इसके अलावा सीएसआर फंड से हल्द्वानी समेत कई स्थानों के पार्कों का सौंदर्यीकरण, कई स्कूलों को सुविधाएं उपलब्ध कराना, समय-समय पर मल्टी स्पेशलिटी हेल्थ कैंप और धार्मिक कार्यों में भरपूर सहयोग, गोशाला आदि के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने के अलावा कई ऐसे अनगिनत कार्य किए हैं जो क्षेत्र के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।
विज्ञापन
लघु भारत के रूप में दिखी यह जगह
स्थानीय लोगों की आय का प्रमुख जरिया बनी सेंचुरी पेपर मिल ने क्षेत्र को एक लघु भारत के रूप में भी पहचान दिलाई। वजह यह है कि सेंचुरी पेपर मिल में उत्तराखंड के अलावा यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, हिमाचल, दिल्ली समेत कई प्रांतों के लोग किसी ने किसी रूप में जुड़े हैं। अब सेंचुरी पेपर मिल को आईटीसी की ओर से खरीदे जाने के बाद मामूली परिवर्तन की ही उम्मीद है।
सीईओ ने कहा- पांच-छह महीने लगेंगे अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने में
लालकुआं। सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के सीईओ ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि आईटीसी की ओर से अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने में पांच से छह महीने का समय लगेगा।
सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि सेंचुरी पल्प एवं पेपर लालकुआं की ओर से आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड मुंबई एवं आईटीसी लिमिटेड कोलकाता के बीच व्यापार हस्तांतरण समझौता 3,498 करोड़ रुपये में हुआ। उन्होंने बताया कि इस उद्योग को स्व. बसंत कुमार बिडला की ओर से 1981 में शुरू किया गया और जुलाई 1984 से व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ हुआ। बोले-आईटीसी लिमिटेड पेपर उद्योग में देश में प्रथम स्थान पर है और यह समूह एफएमसीजी, कृषि व्यवसाय, सूचना प्रौद्योगिकी, कागज उत्पाद और पैकेजिंग उद्योग में प्रतिष्ठित स्थान पर है।
विज्ञापन
सेंचुरी पेपर मिल वर्ष 1984 में स्थापित हुई। उम्दा किस्म का कागज बनाने के मामले में इसकी डिमांड पूरे देश-दुनिया में है। इस मिल में नौकरी करना हर किसी का एक सपना रहा है। सेंचुरी ने अपने कर्मचारियों को ए ग्रेड सुविधाएं मुहैया कराईं। प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से यह लाखों लोगों के रोजगार का जरिया बनी। या यूं कहा जाए कि यह इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ रही। सेंचुरी पेपर मिल ने वर्ष 1981 में कागज उद्योग के क्षेत्र में कदम रखा और एक के बाद एक नई उपलब्धियां हासिल कीं।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्तर पर कई अवॉर्ड भी जीते। दो सौ एकड़ से अधिक भूमि में फैली सेंचुरी पेपर मिल के कारखाना के अलावा कर्मचारियों के क्वार्टर भी बड़े भूखंड पर बने हैं। पेपर मिल सीएसआर फंड के तहत भी क्षेत्र के आर्थिक विकास में बहुत बड़ा रोल अदा करते रही। इसके अलावा सीएसआर फंड से हल्द्वानी समेत कई स्थानों के पार्कों का सौंदर्यीकरण, कई स्कूलों को सुविधाएं उपलब्ध कराना, समय-समय पर मल्टी स्पेशलिटी हेल्थ कैंप और धार्मिक कार्यों में भरपूर सहयोग, गोशाला आदि के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने के अलावा कई ऐसे अनगिनत कार्य किए हैं जो क्षेत्र के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।
विज्ञापन
लघु भारत के रूप में दिखी यह जगह
स्थानीय लोगों की आय का प्रमुख जरिया बनी सेंचुरी पेपर मिल ने क्षेत्र को एक लघु भारत के रूप में भी पहचान दिलाई। वजह यह है कि सेंचुरी पेपर मिल में उत्तराखंड के अलावा यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, हिमाचल, दिल्ली समेत कई प्रांतों के लोग किसी ने किसी रूप में जुड़े हैं। अब सेंचुरी पेपर मिल को आईटीसी की ओर से खरीदे जाने के बाद मामूली परिवर्तन की ही उम्मीद है।
सीईओ ने कहा- पांच-छह महीने लगेंगे अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने में
लालकुआं। सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के सीईओ ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि आईटीसी की ओर से अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने में पांच से छह महीने का समय लगेगा।
सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि सेंचुरी पल्प एवं पेपर लालकुआं की ओर से आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड मुंबई एवं आईटीसी लिमिटेड कोलकाता के बीच व्यापार हस्तांतरण समझौता 3,498 करोड़ रुपये में हुआ। उन्होंने बताया कि इस उद्योग को स्व. बसंत कुमार बिडला की ओर से 1981 में शुरू किया गया और जुलाई 1984 से व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ हुआ। बोले-आईटीसी लिमिटेड पेपर उद्योग में देश में प्रथम स्थान पर है और यह समूह एफएमसीजी, कृषि व्यवसाय, सूचना प्रौद्योगिकी, कागज उत्पाद और पैकेजिंग उद्योग में प्रतिष्ठित स्थान पर है।