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प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी में खोलेंगे होम्योपैथी चिकित्सालय : डॉ. राजेंद्र
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डा. राजेंद्र सिंह।
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। होम्योपैथी बोर्ड के निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में होम्योपैथी को बढ़ावा देने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की योजना प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी में होम्योपैथी चिकित्सालय खोलने की है। देहरादून में दस शैय्याओं वाला होम्योपैथी अस्पताल खोलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है और होम्योपैथी चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी चल रही है।
डॉ. सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्कूलों में होम्योपैथी से ही स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों के दो-दो ब्लॉकों में यह कार्य शुरू करा दिया गया है। एक सवाल के जवाब में निदेशक डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले दिनों डेंगू से बचाव में होम्योपैथी की दवा बेहद कारगर साबित हुई थी। इस पर उन्होंने कहा कि जिला होम्योपैथी अधिकारियों को दवाईयां बेचने संबंधी लाइसेंस जारी करने का अधिकार दे दिया गया है। सरकार का प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी में होम्योपैथी चिकित्सालय खोलने और एक मेडिकल कॉलेज खोलने की भी योजना है, इसके लिए देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में जमीन तलाशी जा रही है।
सरकारी उपेक्षा का शिकार है होम्योपैथी : डॉ. वर्मा
केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ. अनुरुद्ध वर्मा का कहना है कि मनुष्य को होने वाली गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज भी होम्योपैथी पद्धति में है, लेकिन वर्तमान में होम्योपैथी सरकारी उपेक्षा का शिकार है और लोगों को इस विधा के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है।
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पत्रकारों से बातचीत में डॉ. वर्मा ने कहा कि इस विधा में राष्ट्रीय स्तर पर तीन लाख चिकित्सक पंजीकृत हैं और 12 हजार से अधिक डिस्पेंसरी संचालित हो रही हैं।
होम्योपैथी में 80 फीसदी बीमारियों का निदान संभव : डॉ. चंदोला
चंदोला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं दो दिनी राष्ट्रीय कांफ्रेंस के मुख्य आयोजक डॉ. किशोर चंदोला का कहना है कि यह कांफ्रेंस होम्योपैथी के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगी।
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डॉ. सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्कूलों में होम्योपैथी से ही स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों के दो-दो ब्लॉकों में यह कार्य शुरू करा दिया गया है। एक सवाल के जवाब में निदेशक डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले दिनों डेंगू से बचाव में होम्योपैथी की दवा बेहद कारगर साबित हुई थी। इस पर उन्होंने कहा कि जिला होम्योपैथी अधिकारियों को दवाईयां बेचने संबंधी लाइसेंस जारी करने का अधिकार दे दिया गया है। सरकार का प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी में होम्योपैथी चिकित्सालय खोलने और एक मेडिकल कॉलेज खोलने की भी योजना है, इसके लिए देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में जमीन तलाशी जा रही है।
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सरकारी उपेक्षा का शिकार है होम्योपैथी : डॉ. वर्मा
केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ. अनुरुद्ध वर्मा का कहना है कि मनुष्य को होने वाली गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज भी होम्योपैथी पद्धति में है, लेकिन वर्तमान में होम्योपैथी सरकारी उपेक्षा का शिकार है और लोगों को इस विधा के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है।
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पत्रकारों से बातचीत में डॉ. वर्मा ने कहा कि इस विधा में राष्ट्रीय स्तर पर तीन लाख चिकित्सक पंजीकृत हैं और 12 हजार से अधिक डिस्पेंसरी संचालित हो रही हैं।
होम्योपैथी में 80 फीसदी बीमारियों का निदान संभव : डॉ. चंदोला
चंदोला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं दो दिनी राष्ट्रीय कांफ्रेंस के मुख्य आयोजक डॉ. किशोर चंदोला का कहना है कि यह कांफ्रेंस होम्योपैथी के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगी।