तबाही का मंजर देख रूह कांप जाएगी: घरों में कीचड़ भरा दिखा...लोग सफाई में जुटे थे, प्रशासन को कोसते रहे पीड़ित
हल्द्वानी में सोमवार रात भारी बारिश के बाद तबाही जैसे हालात देखने को मिले। हल्द्वानी के गायत्री कॉलोनी में कई घरों में पानी, मलबा और कीचड़ घुस गया। जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
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मुझे 8:23 बजे सूचना मिली कि गायत्री कॉलोनी में कई घरों में पानी भर गया है। मैंने फोटोग्राफर साथी संजय को मौके पर भेजा। इसके बाद मैं अपने साथी उदय को लेकर बाइक से खुद मौके पर निकला। हम दोनाें करीब 8:40 बजे नगर निगम में पहुंचे। यहां नगर निगम की टीम मौके पर जाने के लिए एकत्र हो रही थी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. कांडपाल पंप रखने के लिए कह रहे थे।
इसके बाद हम गायत्री कॉलोनी के लिए रवाना हुए। रास्ते में हमें हल्द्वानी विधायक भी मिले, उन्होंने बताया कि वहां बहुत तबाही हुई है। मैंने निरीक्षण कर प्रशासन को अवगत करा दिया है। 9:10 बजे हम गायत्री कॉलोनी पहुंचे। यहां सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा था। लोग घरों से मलबा निकाल रहे थे। पूछने पर लोगों ने बताया कि अभी तक विधायक के अलावा कोई नहीं पहुंचा है।
जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते गए मंजर और भयावह होता गया। सड़क पर बोल्डर और काफी मात्रा में पत्थर पड़े थे। लाइट नहीं थी। मोबाइल की टॉर्च के सहारे आगे बढ़े तो वहां दो बसें मलबे में दबी मिलीं। एक घर के पीछे और साइड से पांच फीट मलबा पड़ा था। साथ ही सड़क पर भी पांच फीठ तक मलबा और बोल्डर दिखे।
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कई कारों में पानी और मलबा घुसा दिखा। जगह-जगह लोग अपने-अपने घरों की सफाई में जुटे हुए थे। लोगों से पूछने पर उन्होंने बताया कि नाला टूट गया है। नाला जहां टूटा था हम हिम्मत कर वहां तक मोबाइल के टॉर्च के सहारे पहुंचे। करीब 150 से 200 मीटर तक नाला पूरा बह गया था और कई जगहों पर पेयजल लाइन टूटी दिखीं।
लौटते समय हमारी टीम फिर कॉलोनी की गलियों में पहुंची तो वहां अब कीचड़ की वजह से फिसलन वाली मिट्टी आधे फीट ऊंचाई तक बिखरी हुई थी। लोग चलने में फिसल रहे थे। पैर रखने में जूता मिट्टी में जाम हो रहा था। प्रभावित लोग प्रशासन और वन विभाग को कोस रहे थे। किसी तरह घर के सामान को बचाने के लिए जद्दोजहद की जा रही थी। रात करीब 9:40 बजे सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मनोज कांडपाल अपनी टीम के साथ दिखाई दिए। इसके बाद हम जायजा लेकर लौट रहे थे तो एक व्यक्ति ने बताया कि वर्ष 2012 में ऐसा ही मंजर देखा था।