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लोन की किश्त जमा न करने पर फैक्ट्री सीज
ब्यूरो, अमर उजाला कालाढूंगी
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:52 PM IST
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फैक्ट्री सीज
- फोटो : अमर उजाला
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बैंक से लिए लोन की अदायगी न कर पाने पर धमोला स्थित एनएमसी बायो फार्मा कंपनी को सील कर दिया गया। धन लक्ष्मी बैंक नई दिल्ली से आए बैंक अधिकारी अनूप नायर ने बताया कि उक्त फैक्ट्री मालिक ने 2009 में बैंक से 20.70 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
फैक्ट्री प्रबंधन ने लोन की किश्तें 2014 से देनी बंद कर दी थी। फैक्ट्री प्रबंधन पर लगभग 12 करोड़ की देनदारी है। इस कारण कोर्ट के आदेश पर बैंक अधिकारियों ने प्रशासन और पुलिस की मदद से उक्त फैक्ट्री को सील कर दिया है। बता दें कि उक्त फैक्ट्री में एलोपैथिक दवाइयां बनती थी।
कर्मियों के सामने आया संकट
2009 में खुली इस फैक्ट्री ने क्षेत्र के तकरीबन 200 लोगों को रोजगार दिया था। लेकिन धीरे-धीरे 2014 से इस फैक्ट्री से कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी गई। वर्तमान में फैक्ट्री में मात्र 10 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसके सील होने से कर्मचारियों के सामने रोजीरोटी का संकट पैदा हो गया है।
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बैंक अधिकारी अनूप नायर के अनुसार फैक्ट्री पर वर्तमान में बैंक की लगभग 12 करोड़ की देनदारी बकाया है। इसे वसूलने के लिए फैक्ट्री को नीलाम कर बकाया धनराशि वसूल की जाएगी।
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फैक्ट्री प्रबंधन ने लोन की किश्तें 2014 से देनी बंद कर दी थी। फैक्ट्री प्रबंधन पर लगभग 12 करोड़ की देनदारी है। इस कारण कोर्ट के आदेश पर बैंक अधिकारियों ने प्रशासन और पुलिस की मदद से उक्त फैक्ट्री को सील कर दिया है। बता दें कि उक्त फैक्ट्री में एलोपैथिक दवाइयां बनती थी।
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कर्मियों के सामने आया संकट
2009 में खुली इस फैक्ट्री ने क्षेत्र के तकरीबन 200 लोगों को रोजगार दिया था। लेकिन धीरे-धीरे 2014 से इस फैक्ट्री से कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी गई। वर्तमान में फैक्ट्री में मात्र 10 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसके सील होने से कर्मचारियों के सामने रोजीरोटी का संकट पैदा हो गया है।
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बैंक अधिकारी अनूप नायर के अनुसार फैक्ट्री पर वर्तमान में बैंक की लगभग 12 करोड़ की देनदारी बकाया है। इसे वसूलने के लिए फैक्ट्री को नीलाम कर बकाया धनराशि वसूल की जाएगी।