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पेड़ों का रखवाला ही बना पेड़ों का दुश्मन
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर
Updated Wed, 13 May 2015 01:46 AM IST
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जंगलात ही जब फलदार पेड़ों का दुश्मन बन जाए तो औरों का क्या कहना। दरअसल रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज मोहान में 61 फलदार पेड़ों का बगीचा है। इस बगीचे को नीलाम करने से विभाग को आय की प्राप्ति भी होती है, लेकिन बगीचे में अतिरिक्त भूमि संरक्षण वन प्रभाग अपनी आधुनिक नर्सरी बना रहा है। इसके लिए फलदार पेड़ों पर आरी चलवाई जा रही है। इससे रामनगर वन प्रभाग भी सकते में है। विभाग ने यह बगीचा दो साल के लिए इसी वर्ष 18 मार्च को 16 हजार रुपए में नीलामी में दे दिया है।
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इस बाबत रामनगर वन प्रभाग की डीएफओ कहकशां नसीम ने बताया कि बगीचे में 55 पेड़ आम और छह पेड़ कटहल के थे। नर्सरी बनाने के चलते सात-आम और एक पेड़ कटहल का काट दिया गया है। अब शेष पेड़ों पर आरी चलनी है, जबकि बगीचे को नीलामी के तहत दे दिया गया है।
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इधर, अतिरिक्त भूमि संरक्षण वन प्रभाग के डीएफओ मान सिंह का कहना है कि हम मॉडल नर्सरी बना रहे हैं, जिसके लिए पेड़ों को काटा जाना है। डीएफओ से जब फलदार पेड़ों को काटने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इन पेड़ों में फल नहीं आते। अब सवाल यह है कि जब पेड़ों पर फल नहीं आते तो 16 हजार रुपए में बगीचे की नीलामी कैसे हो गई।
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