फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Finance Minister in Haldwani. Indira Hridayesh doctor meet.

असुरक्षा के बीच कैसे करें काम

Tue, 22 Dec 2015 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Tue, 22 Dec 2015 01:13 AM IST
विज्ञापन
Finance Minister in Haldwani. Indira Hridayesh doctor meet.

डॉक्टरों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में आईएमए के नेतृत्व में सोमवार को डॉक्टर वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश से मिले। डाक्टरों ने वित्त मंत्री को आपबीती सुनाई और कहा कि असुरक्षा के बीच कैसे काम करें। डा. हृदयेश ने हाथापाई करना गलत है और सभी डाक्टरों की प्रतिष्ठा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

विज्ञापन

आईएमए के हल्द्वानी उपाध्यक्ष डा. डीसी पंत के नेतृत्व में डॉक्टर वित्त मंत्री के आवास पहुंचे।

डा. हृदयेश की डाक्टरों के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। डॉक्टरों ने कहा कि पिछले दो माह में चार बार डॉक्टरों पर हमले हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर लौट जाएंगे और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पाएगा। भय के वातावरण में बाहर से कोई डॉक्टर नहीं आएगा। डॉक्टरों ने कहा कि निजी अस्पतालों को छोड़कर हृदय रोग के इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों में नहीं है।
विज्ञापन


वित्त मंत्री ने कहा कि सभी की प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई होगी। किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को भी ऐसा आचरण करना चाहिए जिससे समन्वय न टूटे और आपसी रिश्ते सौहार्दपूर्ण रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश सोमवार को डाक्टरों से मुलाकात के दौरान अभिभावक और शिक्षक दोनों के किरदार में दिखीं। डा. हृदयेश ने कहा कि एसपी सिटी, सीओ और इंस्पेक्टर से पूरे मामले की जानकारी ली थी। पुलिस कर्मियों ने बताया कि कृष्णा हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तो पुलिस कर्मियों का अस्पताल है। चोट लगने या घायल होने पर पुलिस वाले अपना इलाज उक्त अस्पताल में कराते हैं।


अस्पताल के प्रबंध निदेशक डा. जेएस खुराना काफी पावरफुल हैं। उनके स्नेह और प्रेम के कारण भी लोग मुरीद हैं। प्रेम और स्नेह से सभी का दिल जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि निजी चिकित्सालय संचालक और डाक्टरों को अपने व्यवहार और कार्यशैली का मूल्यांकन करना चाहिए। अपना मूल्यांकन करने से कहां कमी रही इसका एहसास हो जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed