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उल्टी-दस्त से पांच दिन में दो की मौत, एक गंभीर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर (नैनीताल)
Updated Sat, 14 Mar 2015 01:04 AM IST
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सूचनार्थ:::
- कहीं यह डायरिया का प्रकोप तो नहीं?
नैनीताल से लगभग 20 किमी दूर तल्ला बगड़ व उससे लगे क्षेत्र में पिछले पांच दिन में उल्टी-दस्त से दो बच्चों की मौत हो गई है। जबकि एक की हालत गंभीर है। उसे बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों बच्चे एक ही परिवार के हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्षेत्र में भेजने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार तड़के लगभग 4 बजे ग्रामीणों ने उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित अजय (8) पुत्र किशन राम को बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों का कहना है कि 9 मार्च को उसकी चचेरी बहन पूजा (6) पुत्री लीला राम और 12 मार्च को चचेरे भाई विकास (3) पुत्र लीला राम की अचानक हुए बुखार और उल्टी दस्त से मौत हो गई। पूर्व प्रधान कुंवर राम व गौ सेवा से जुड़े रणजीत सिंह का कहना है कि इन दिनों तोक पिनौनिया के ग्राम तल्ला बगड़, मल्ला बगड़, महरोड़ा व उससे लगे गांव खासे संवेदनशील हो गए हैं। गांव के कई लोगों को उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत है। दो बच्चों के साथ हुए हादसे के बाद ग्रामीण डरे हुए हैं। बीडी पांडे अस्पताल के चिकित्सक डा. एमएस दुग्ताल का कहना है कि बच्चे की हालत ठीक है उसे किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
स्वास्थ्य टीम भेजी
नैनीताल। कुमाऊं मंडल के प्रभारी स्वास्थ्य निदेशक और सीएमओ डा. एलएम उप्रेती ने बताया कि घटना की सूचना के बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। बच्चे की हालत ठीक है। उन्होंने डा. मनोज कांडपाल, ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर गीतेश पांडे और एएनएम हेमा को संबंधित गांव भेजा है। उन्होंने एएनएम को गांव में कुछ दिन कैंप करने के निर्देश दिए हैं।
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..108 नहीं पहुंचती गांव
नैनीताल। गांव के हरीश चंद्र, पुष्पा देवी, ललित मोहन, गुंजन, पीताम्बर, लाल सिंह बिष्ट, पीत राम का कहना है कि नगर से पंगूट तक मुख्य सड़क के बाद तल्ला बगड़ तक लगभग 6 किमी का रास्ता है। जो कच्चा है और लगभग 15 फीट चौड़ा है। जहां निजी जीप, ट्रक व सभी वाहन पहुंच जाते हैं, लेकिन 108 पंगूट से नीचे नहीं उतरती। ऐसे में वह मरीज को किसी तरह गांव से यहां लाए।
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- कहीं यह डायरिया का प्रकोप तो नहीं?
नैनीताल से लगभग 20 किमी दूर तल्ला बगड़ व उससे लगे क्षेत्र में पिछले पांच दिन में उल्टी-दस्त से दो बच्चों की मौत हो गई है। जबकि एक की हालत गंभीर है। उसे बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों बच्चे एक ही परिवार के हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्षेत्र में भेजने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार तड़के लगभग 4 बजे ग्रामीणों ने उल्टी दस्त और बुखार से पीड़ित अजय (8) पुत्र किशन राम को बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों का कहना है कि 9 मार्च को उसकी चचेरी बहन पूजा (6) पुत्री लीला राम और 12 मार्च को चचेरे भाई विकास (3) पुत्र लीला राम की अचानक हुए बुखार और उल्टी दस्त से मौत हो गई। पूर्व प्रधान कुंवर राम व गौ सेवा से जुड़े रणजीत सिंह का कहना है कि इन दिनों तोक पिनौनिया के ग्राम तल्ला बगड़, मल्ला बगड़, महरोड़ा व उससे लगे गांव खासे संवेदनशील हो गए हैं। गांव के कई लोगों को उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत है। दो बच्चों के साथ हुए हादसे के बाद ग्रामीण डरे हुए हैं। बीडी पांडे अस्पताल के चिकित्सक डा. एमएस दुग्ताल का कहना है कि बच्चे की हालत ठीक है उसे किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
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स्वास्थ्य टीम भेजी
नैनीताल। कुमाऊं मंडल के प्रभारी स्वास्थ्य निदेशक और सीएमओ डा. एलएम उप्रेती ने बताया कि घटना की सूचना के बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। बच्चे की हालत ठीक है। उन्होंने डा. मनोज कांडपाल, ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर गीतेश पांडे और एएनएम हेमा को संबंधित गांव भेजा है। उन्होंने एएनएम को गांव में कुछ दिन कैंप करने के निर्देश दिए हैं।
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..108 नहीं पहुंचती गांव
नैनीताल। गांव के हरीश चंद्र, पुष्पा देवी, ललित मोहन, गुंजन, पीताम्बर, लाल सिंह बिष्ट, पीत राम का कहना है कि नगर से पंगूट तक मुख्य सड़क के बाद तल्ला बगड़ तक लगभग 6 किमी का रास्ता है। जो कच्चा है और लगभग 15 फीट चौड़ा है। जहां निजी जीप, ट्रक व सभी वाहन पहुंच जाते हैं, लेकिन 108 पंगूट से नीचे नहीं उतरती। ऐसे में वह मरीज को किसी तरह गांव से यहां लाए।