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सरकारी राशन की दुकानों में चल रहा गजब खेल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2019 02:07 AM IST
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सरकारी राशन की दुकानों में चल रहा गजब खेल
हल्द्वानी। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। हल्द्वानी शहर में ही नियमों के अनुसार सस्ता गल्ला की दुकानें नहीं खुल रही है। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों में क्या हाल होगा? उसे समझा जा सकता है। जबकि पूर्ति विभाग के आला अधिकारियों के कार्यालय हल्द्वानी में ही हैं। बड़ा सवाल यह है कि आखिर कैसे बंद दुकानों से राशन बांट दिया जा रहा है।
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शुक्रवार को अमर उजाला की टीम हल्द्वानी शहर में सरकारी सस्ता गल्ले दुकानों का हाल जानने को पहुंची। टीम ने सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे और तीन से शाम पांच बजे तक बनभूलपुरा, राजपुरा, बरेली रोड, रामपुर रोड, लालडांठ, तिकोनिया, कुसुमखेड़ा क्षेत्र की 25 दुकानों का हाल देखा। इस दौरान 18 दुकानें बंद मिली। अप्रैल में चुनाव होने के कारण इस बार सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने 11 अप्रैल के बाद गोदाम से गेहूं और चावल उठाया। अब सवाल है कि इतनी जल्दी राशन बंट गया, या फिर राशन उपभोक्ताओं को न देकर ठिकाने लगा दिया गया।
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नियमों की उड़ रही है धज्जियां, सरकारी सस्ता
गल्ला विक्रेताओं को किसी का डर नहीं
हल्द्वानी शहर में ही 25 दुकानों में से 18 दुकानें बंद
बड़ा सवाल आखिर बंद दुकानों से कैसे बंट जा रहा है राशन


ये दुकानें मिली बंद-
8:16 बजे सुबह भोलानाथ गार्डन
8:38 बजे सुबह राजेंद्र नगर
8:40 बजे सुबह राजेंद्र नगर की दोनों दुकानें
8:52 बजे सुबह मल्ली बमौरी
9:12 बजे सुबह लाइन नंबर एक
10:30 बजे नारायणनगर बिठौरिया
4:00 बजे शाम तल्ली बमौरी
5:38 बजे शाम तिकोनिया

उपभोक्ताओं ने ये लगाए आरोप
टीम ने अलग-अलग जगह करीब 30 लोगों से बात की। लोगों का आरोप था कि राशन की दुकानें पूरे माह में केवल पांच से आठ दिन खुलती है। इन दिनों में भी दुकान खुलने का कोई समय नहीं है। महीना खत्म होते ही राशन खत्म हो गया है का बोर्ड दुकानों पर लगा दिया जाता है।
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ऐसे भी हो रहा था खेल
हल्द्वानी। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में गेहूं-चावल बांटने का नाम पर बड़ा खेल खेला जा रहा है। शुक्रवार को जब टीम लालडांठ क्षेत्र की एक सस्ता गल्ला विक्रेता की दुकान में पहुंची, यहां पर कम राशन देने की शिकायत थी। इस बार दुकानदार ने मानकों के अनुसार राशन दिया। जब उससे पूछा गया कि पिछले लंबे समय से राशन क्यों कम दिया जा रहा था? तो उसने राशन कम आने की बात कही। बाद में राशन कार्ड में पिछली इंट्री काट कर सही कर दी।

ये हैं नियम -
- सरकारी सस्ता गल्ले की दुकान सुबह आठ से 12 बजे और दोपहर तीन बजे से सात बजे तक खुलेगी।
- दुकान साप्ताहिक अवकाश और सरकारी छुट्टी को छोड़कर सभी दिन खुलेगी।
- दुकान में बोर्ड और दुकान स्वामी का नाम लिखा होगा।
- स्टॉक का विवरण भी दुकान के बाहर लगे बोर्ड में लिखना अनिवार्य होगा।

कई दुकानों में बोर्ड तक नहीं
नियमों की बात करें तो दुकानों पर बोर्ड लगा होना चाहिए। लेकिन हद तो ये थी कि कई दुकानों में दुकान के बोर्ड तक नहीं लगे थे।

क्या कहते हैं अधिकारी
पूर्ति विभाग को हर महीने का एडवांस गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। नियमानुसार महीने की अंतिम तिथि तक राशन गोदाम से सरकारी सस्ता गल्ले की दुकान में पहुंच जाना चाहिए। और एक तारीख से ही राशन का वितरण शुरू हो जाना चाहिए।

-ललित मोहन रयाल आरएफसी कुमाऊं

दुकानें पूरे माह खुलनी चाहिए। दुकान खुलने का समय सुबह आठ से 12 बजे और दोपहर तीन बजे से सात बजे तक है। अगर कोई दुकानदार ऐसा नहीं कर रहा है तो छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी।
-गिरीश जोशी एआरओ पूर्ति विभाग
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