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स्नैप डील के नाम पर ले लिए हजारों रुपये
Updated Thu, 15 Feb 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। ऑनलाइन कार के इनाम के चक्कर में बीटेक का छात्र 87 हजार गंवा बैठा। जब ठगी का अहसास हुआ तो कोतवाली पहुंचकर मुखानी थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।
पंकज राठौर पुत्र स्व. नरेंद्र सिंह राठौर मूल रूप से बागेश्वर का रहने वाला है। वह भीमताल स्थित ग्राफिक एरा विवि से बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र है। वह यहां सर्वोदय कालोनी चौपुला चौराहे पर अपनी जीजा राजेंद्र सिंह चौहान के घर रहता है। पंकज ने ऑनलाइन शापिंग कंपनी स्नैप डील से 29 जनवरी को बैग खरीदा था। 12 फरवरी को एचपी स्नैप डील के नाम से संदेश आया कि स्नैप डील की ऑनलाइन लकी ड्रा में उसे दूसरा इनाम टाटा इंडिगो कार (6.25 लाख) मिली है। इसके बाद सतीश रंजन नाम के एक व्यक्ति ने उससे फोन पर बात की और भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर दिया। पंकज कार के लालच में फंस गया। मैसेज भेजने वाले ने उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 8,400 रुपये मांगे। पंकज के अनुसार उसने खाते में यह रकम जमा कर दी। इसके बाद अनापत्ति के लिए 18,600, आयकर के 25,000 और चार्ज के नाम पर 35,200 रुपये मांगे गए। पंकज के अनुसार यह रकम भी उसने जमा कर दी। 87,200 रुपये देने के बाद फोन करने वाले ने 60,300 रुपये कार के ट्रांसपोर्ट के नाम पर मांगे तो पंकज का माथा ठनका। उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने संदेश भेजने वाले को फोन मिलाया लेकिन उठा नहीं। पीड़ित छात्र ने घटना की तहरीर मुखानी थाने में सौंप कर कार्रवाई की मांग की है।
टोल फ्री नंबर भी दिया था
कार जीतने का जो संदेश आया था उसमें 11 अंकों के दो-दो टोल फ्री नंबर भी थे। उसमें लिखा था कि शिकायत होने पर कॉल कर सकते हैं। संदेश पर एचपी स्नैप डील भी लिखा था। इस कारण पंकज आसानी से झांसे में आ गया।
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आईडी बनाकर भी भेजी
पंकज के जीजा राजेंद्र चौहान ने फोन करने वाले से कहा कि यदि वह स्नैप डील में काम करता है तो कंपनी का पहचान पत्र भेजे। इस पर उसने आईडी भी भेजी थी।
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पंकज राठौर पुत्र स्व. नरेंद्र सिंह राठौर मूल रूप से बागेश्वर का रहने वाला है। वह भीमताल स्थित ग्राफिक एरा विवि से बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र है। वह यहां सर्वोदय कालोनी चौपुला चौराहे पर अपनी जीजा राजेंद्र सिंह चौहान के घर रहता है। पंकज ने ऑनलाइन शापिंग कंपनी स्नैप डील से 29 जनवरी को बैग खरीदा था। 12 फरवरी को एचपी स्नैप डील के नाम से संदेश आया कि स्नैप डील की ऑनलाइन लकी ड्रा में उसे दूसरा इनाम टाटा इंडिगो कार (6.25 लाख) मिली है। इसके बाद सतीश रंजन नाम के एक व्यक्ति ने उससे फोन पर बात की और भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर दिया। पंकज कार के लालच में फंस गया। मैसेज भेजने वाले ने उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 8,400 रुपये मांगे। पंकज के अनुसार उसने खाते में यह रकम जमा कर दी। इसके बाद अनापत्ति के लिए 18,600, आयकर के 25,000 और चार्ज के नाम पर 35,200 रुपये मांगे गए। पंकज के अनुसार यह रकम भी उसने जमा कर दी। 87,200 रुपये देने के बाद फोन करने वाले ने 60,300 रुपये कार के ट्रांसपोर्ट के नाम पर मांगे तो पंकज का माथा ठनका। उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने संदेश भेजने वाले को फोन मिलाया लेकिन उठा नहीं। पीड़ित छात्र ने घटना की तहरीर मुखानी थाने में सौंप कर कार्रवाई की मांग की है।
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टोल फ्री नंबर भी दिया था
कार जीतने का जो संदेश आया था उसमें 11 अंकों के दो-दो टोल फ्री नंबर भी थे। उसमें लिखा था कि शिकायत होने पर कॉल कर सकते हैं। संदेश पर एचपी स्नैप डील भी लिखा था। इस कारण पंकज आसानी से झांसे में आ गया।
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आईडी बनाकर भी भेजी
पंकज के जीजा राजेंद्र चौहान ने फोन करने वाले से कहा कि यदि वह स्नैप डील में काम करता है तो कंपनी का पहचान पत्र भेजे। इस पर उसने आईडी भी भेजी थी।