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दो दिन में खाली करे दुकान
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:22 AM IST
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हल्द्वानी। बनभूलपुरा लाइन नंबर एक में विवादित दुकान से कब्जा हटाने को लेकर उपजिलाधिकारी दल बल के साथ पहुंचे। उन्होंने कब्जाधारक को दो दिन में दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। अचानक हुई कार्रवाई से आसपास के दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
उपजिलाधिकारी एपी वाजपेयी बुधवार को दल बल के साथ लाइन नंबर एक ईदगाह के समीप नेशनल जनरल स्टोर पहुंचे। उन्होंने दुकानदार निजामुद्दीन लाइन नंबर 17 को बताया कि इस दुकान पर वक्फ बोर्ड अपना दावा जता रहा है इसको लेकर हाल ही में अतिरिक्त सर्वेक्षण वक्फ आयुक्त ने वक्फ की संपत्ति से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने दुकानदार को दो दिनों में दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं कि दुकान नहीं खाली करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं दुकान पर अधिकारियों का अमला पहुंचने से आसपास हड़कंप मच गया। पूरा मोहल्ला दुकान के बाहर जमा हो गया। इधर दुकान पर कब्जा धारक निजामुद्दीन का कहना है कि उनका वर्ष 1980 से इस दुकान पर कब्जा है। पहले यह दुकान खटीमा निवासी अब्दुल गनी की थी, जिसे उन्होंने अन्य को बेच दी। बाद में यह दुकान हाजी राशिद को बेच दी गई। बाद में 2007 में यह दुकान हाजी से सलमा परवीन के नाम से खरीद ली। इसकी रजिस्ट्री भी करा ली है। यह भी कहना है कि नगर निगम व तहसील में 12 साला में भी वक्फ का जिक्र नहीं है। अब जबरन उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप लगाया कि जिला अदालत ने इस पर स्टे लगाया है और वर्तमान में यह मामला वक्फ ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के मुताव्वली जावेद अख्तर एडवोकेट ने उनसे पांच लाख रुपये की मांग की थी जिसकी शिकायत उन्होंने की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उपजिलाधिकारी एपी वाजपेयी बुधवार को दल बल के साथ लाइन नंबर एक ईदगाह के समीप नेशनल जनरल स्टोर पहुंचे। उन्होंने दुकानदार निजामुद्दीन लाइन नंबर 17 को बताया कि इस दुकान पर वक्फ बोर्ड अपना दावा जता रहा है इसको लेकर हाल ही में अतिरिक्त सर्वेक्षण वक्फ आयुक्त ने वक्फ की संपत्ति से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने दुकानदार को दो दिनों में दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं कि दुकान नहीं खाली करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं दुकान पर अधिकारियों का अमला पहुंचने से आसपास हड़कंप मच गया। पूरा मोहल्ला दुकान के बाहर जमा हो गया। इधर दुकान पर कब्जा धारक निजामुद्दीन का कहना है कि उनका वर्ष 1980 से इस दुकान पर कब्जा है। पहले यह दुकान खटीमा निवासी अब्दुल गनी की थी, जिसे उन्होंने अन्य को बेच दी। बाद में यह दुकान हाजी राशिद को बेच दी गई। बाद में 2007 में यह दुकान हाजी से सलमा परवीन के नाम से खरीद ली। इसकी रजिस्ट्री भी करा ली है। यह भी कहना है कि नगर निगम व तहसील में 12 साला में भी वक्फ का जिक्र नहीं है। अब जबरन उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप लगाया कि जिला अदालत ने इस पर स्टे लगाया है और वर्तमान में यह मामला वक्फ ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के मुताव्वली जावेद अख्तर एडवोकेट ने उनसे पांच लाख रुपये की मांग की थी जिसकी शिकायत उन्होंने की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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