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इकलौते बेटे ने जहर खाकर जान दी
Updated Wed, 05 Sep 2018 01:52 AM IST
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हल्द्वानी। गोरापड़ाव हाथीखाल में मंगलवार दोपहर एक युवक ने जहर खाकर जान दे दी। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि पिता ने दो साल तक उनकी खबर न लेने का सवाल पूछ लिया था। यह बात उसे नागवार लगी।
गोरापड़ाव हाथीखाल निवासी रिटायर्ड फौजी गिरीश चंद्र जोशी का इकलौता पुत्र सतीश चंद्र जोशी (35) दो साल पहले पिता से नाराज होकर रुद्रपुर स्थित सिडकुल फैक्ट्री में काम करने लगा। अपने दो बच्चों और पत्नी पूजा के साथ वह फैक्ट्री के पास ही किराए का कमरा लेकर रहता था। मंडी चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि सतीश चंद्र जोशी मंगलवार को अपने घर आया। पिता ने उससे कह दिया कि दो साल से वह खोज खबर क्यों नहीं लेने आया। पिता की बातें उसे नागवार गुजरी। उसने घर के सामने ही जहर खा लिया। बेहोश होने पर बुजुर्ग पिता पड़ोसियों की मदद से उसे लेकर एसटीएच गए लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सतीश ने प्रेम विवाह किया था। पता चला है कि सतीश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मदद के लिए वह पिता के पास आया था। सतीश की मां की दो साल पहले ही मौत हो गई थी।
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गोरापड़ाव हाथीखाल निवासी रिटायर्ड फौजी गिरीश चंद्र जोशी का इकलौता पुत्र सतीश चंद्र जोशी (35) दो साल पहले पिता से नाराज होकर रुद्रपुर स्थित सिडकुल फैक्ट्री में काम करने लगा। अपने दो बच्चों और पत्नी पूजा के साथ वह फैक्ट्री के पास ही किराए का कमरा लेकर रहता था। मंडी चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि सतीश चंद्र जोशी मंगलवार को अपने घर आया। पिता ने उससे कह दिया कि दो साल से वह खोज खबर क्यों नहीं लेने आया। पिता की बातें उसे नागवार गुजरी। उसने घर के सामने ही जहर खा लिया। बेहोश होने पर बुजुर्ग पिता पड़ोसियों की मदद से उसे लेकर एसटीएच गए लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सतीश ने प्रेम विवाह किया था। पता चला है कि सतीश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मदद के लिए वह पिता के पास आया था। सतीश की मां की दो साल पहले ही मौत हो गई थी।
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