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रामनगर संयुक्त चिकित्सालय बना रेफर सेंटर, तीन घंटे के भीतर सभी 11 घायलों को किया रेफर
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:52 AM IST
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रामनगर का अस्पताल बदहाल
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। तल्ला सल्ट क्षेत्र जिला अल्मोड़ा में ग्राम टोटाम के पास हुई सड़क दुर्घटना में 14 घायलों को रामनगर लाया गया। सबसे पहले सुबह दस बजे एक कार से तीन घायलों को संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जिनमें दो महिलाएं, एक पुरुष था। 10:25 बजे प्राइवेट बस में पांच घायलों को लाया गया। 10:32 बजे दो घायलों को कार से प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया।
रामनगर संयुक्त चिकित्सालय बना रेफर सेंटर
तीन घंटे के भीतर सभी 11 घायलों को रेफर किया
पूर्व सैनिक भगत काशीपुर जा रहे थे
रामनगर (नैनीताल)। बस हादसे में संयुक्त चिकित्सालय लाए गए ग्राम पत्थरखोला निवासी भगत सिंह पुत्र कुंदन सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जिसकी सूचना परिजनों को दी गई। मृतक की पत्नी भी रामनगर अस्पताल पहुंच गई थी। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें शव सौंप दिया गया। भगत सेना से सेवानिवृत्त थे। काशीपुर में प्राइवेट नौकरी करने वाले भगत ड्यूटी पर जा रहे थे। उनकी दो बेटी, एक बेटा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है जबकि पुत्र चंडीगढ़ में नौकरी करता है।
एक बार पापा से बात करा दो
रामनगर (नैनीताल)। तल्ला भाकुड़ा जिला अल्मोड़ा निवासी मृतक आनंद सिंह अपनी दो बेटियों मोनिका, उत्कर्षा के साथ बंगारी परिवार की शादी समारोह में आए थे। वह अंबाला हरियाणा जा रहे थे। अस्पताल में अपने पिता आनंद सिंह को न पाकर 18 वर्षीय उत्कर्षा पहले तो पापा और बहन से मिला दो कहती रही। लोग उसे समझाते रहे लेकिन वह किसी की भी नहीं सुन रही थी। तब उसकी बड़ी बहन दूसरे कमरे में थी, जब उसे हल्द्वानी रेफर किया गया तब दोनों को बताया गया कि उनके पापा को हल्द्वानी भेजा गया है, लेकिन उत्कर्षा एक बार पापा से मिला दो कहकर रो रही थी। करीबन बजे उनके ताऊ भगवंत सिंह बंगारी समझाबुझाकर उन्हें भी हायर सेंटर ले गए।
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रामनगर संयुक्त चिकित्सालय बना रेफर सेंटर
रामनगर (नैनीताल)। स्थानीय संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमी है। इसके चलते अब 100 बेड का यह अस्पताल हायर सेंटर रेफर केंद्र बन गया है जबकि यहां पौड़ी गढ़वाल, कुमाऊं के सल्ट, भतरौंजखान, चौखुटिया मासी तक के मरीज, सड़क हादसों के घायल आते हैं। इस दुर्घटना में भी सर्जन की कमी के कारण सभी रोगी रेफर करने पड़े। सीएमएस डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि यहां सर्जन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, इमरजेंसी डॉक्टर के पद खाली हैं। एंबुलेंस, रक्तकोष भी नहीं है। इस कारण घायलों को निजी वाहन से हायर सेंटर रेफर किया गया।
चिकित्सालय में कर दी थीं सारी व्यवस्थाएं
रामनगर (नैनीताल)। सुबह आठ बजे बस हादसे की सूचना संयुक्त चिकित्सालय को दी तो सर्जन बीडी पांडे ने सभी डॉक्टरों, नर्सों को बुलाने के साथ ही नैनीताल में कार्यरत डॉ. प्रशांत कौशिक को भी यहां बुला लिया था। अल्मोड़ा के सीडीओ मयूर दीक्षित, रामनगर के एसडीएम परितोष वर्मा, कोतवाल विक्रम राठौर, तहसीलदार प्रियंका रानी, राजस्व उपनिरीक्षक तारा चंद्र घिल्डियाल, आरिफ हुसैन भी अस्पताल पहुंचे।
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रामनगर संयुक्त चिकित्सालय बना रेफर सेंटर
तीन घंटे के भीतर सभी 11 घायलों को रेफर किया
पूर्व सैनिक भगत काशीपुर जा रहे थे
रामनगर (नैनीताल)। बस हादसे में संयुक्त चिकित्सालय लाए गए ग्राम पत्थरखोला निवासी भगत सिंह पुत्र कुंदन सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जिसकी सूचना परिजनों को दी गई। मृतक की पत्नी भी रामनगर अस्पताल पहुंच गई थी। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें शव सौंप दिया गया। भगत सेना से सेवानिवृत्त थे। काशीपुर में प्राइवेट नौकरी करने वाले भगत ड्यूटी पर जा रहे थे। उनकी दो बेटी, एक बेटा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है जबकि पुत्र चंडीगढ़ में नौकरी करता है।
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एक बार पापा से बात करा दो
रामनगर (नैनीताल)। तल्ला भाकुड़ा जिला अल्मोड़ा निवासी मृतक आनंद सिंह अपनी दो बेटियों मोनिका, उत्कर्षा के साथ बंगारी परिवार की शादी समारोह में आए थे। वह अंबाला हरियाणा जा रहे थे। अस्पताल में अपने पिता आनंद सिंह को न पाकर 18 वर्षीय उत्कर्षा पहले तो पापा और बहन से मिला दो कहती रही। लोग उसे समझाते रहे लेकिन वह किसी की भी नहीं सुन रही थी। तब उसकी बड़ी बहन दूसरे कमरे में थी, जब उसे हल्द्वानी रेफर किया गया तब दोनों को बताया गया कि उनके पापा को हल्द्वानी भेजा गया है, लेकिन उत्कर्षा एक बार पापा से मिला दो कहकर रो रही थी। करीबन बजे उनके ताऊ भगवंत सिंह बंगारी समझाबुझाकर उन्हें भी हायर सेंटर ले गए।
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रामनगर संयुक्त चिकित्सालय बना रेफर सेंटर
रामनगर (नैनीताल)। स्थानीय संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमी है। इसके चलते अब 100 बेड का यह अस्पताल हायर सेंटर रेफर केंद्र बन गया है जबकि यहां पौड़ी गढ़वाल, कुमाऊं के सल्ट, भतरौंजखान, चौखुटिया मासी तक के मरीज, सड़क हादसों के घायल आते हैं। इस दुर्घटना में भी सर्जन की कमी के कारण सभी रोगी रेफर करने पड़े। सीएमएस डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि यहां सर्जन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, इमरजेंसी डॉक्टर के पद खाली हैं। एंबुलेंस, रक्तकोष भी नहीं है। इस कारण घायलों को निजी वाहन से हायर सेंटर रेफर किया गया।
चिकित्सालय में कर दी थीं सारी व्यवस्थाएं
रामनगर (नैनीताल)। सुबह आठ बजे बस हादसे की सूचना संयुक्त चिकित्सालय को दी तो सर्जन बीडी पांडे ने सभी डॉक्टरों, नर्सों को बुलाने के साथ ही नैनीताल में कार्यरत डॉ. प्रशांत कौशिक को भी यहां बुला लिया था। अल्मोड़ा के सीडीओ मयूर दीक्षित, रामनगर के एसडीएम परितोष वर्मा, कोतवाल विक्रम राठौर, तहसीलदार प्रियंका रानी, राजस्व उपनिरीक्षक तारा चंद्र घिल्डियाल, आरिफ हुसैन भी अस्पताल पहुंचे।