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पूर्व कुलपति के कार्यकाल में हुई नियुक्ति में गड़बड़ी पाई गई
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:50 AM IST
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पंतनगर। पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. मंगला राय के कार्यकाल में हुई एक नियुक्ति में अनियमितता सामने आई है। पूर्व कुलपति के कार्यकाल में जुलाई 2015 में विभिन्न महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित हुए थे। सितंबर 2015 में साक्षात्कार के आधार पर नियुक्तियां की गईं।
इसी क्रम में गृह विज्ञान महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक पद पर डॉ. दिव्या सिंह की नियुक्ति की गई थी। उस समय डॉ. कुमकुम पांडे ने भी गृह विज्ञान महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक पद के लिए साक्षात्कार दिया था, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। उन्होंने राज्यपाल, कुलपति एवं अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर नियुक्ति में गड़बड़ी होने की शिकायत की थी।
विश्वविद्यालय ने शिकायत के आधार पर तत्कालीन अधिष्ठाता पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज डॉ. एनएस मूर्ति की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। कमेटी ने अपनी जांच में प्रथम दृष्टया चयन समिति पर संदेह व्यक्त किया है। जांच में सामने आया है कि चयन समिति ने नियुक्ति के समय गड़बड़ी कर अंकों का विधिवत आवंटन नहीं किया।
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कुलपति डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि प्रकरण की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। चूंकि नियुक्त का अधिकार विवि की प्रबंध परिषद के पास है, इसलिए जांच रिपोर्ट को प्रबंध परिषद की बैठक में रखा जाएगा। परिषद के निर्देश पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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इसी क्रम में गृह विज्ञान महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक पद पर डॉ. दिव्या सिंह की नियुक्ति की गई थी। उस समय डॉ. कुमकुम पांडे ने भी गृह विज्ञान महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक पद के लिए साक्षात्कार दिया था, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। उन्होंने राज्यपाल, कुलपति एवं अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर नियुक्ति में गड़बड़ी होने की शिकायत की थी।
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विश्वविद्यालय ने शिकायत के आधार पर तत्कालीन अधिष्ठाता पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज डॉ. एनएस मूर्ति की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। कमेटी ने अपनी जांच में प्रथम दृष्टया चयन समिति पर संदेह व्यक्त किया है। जांच में सामने आया है कि चयन समिति ने नियुक्ति के समय गड़बड़ी कर अंकों का विधिवत आवंटन नहीं किया।
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कुलपति डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि प्रकरण की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। चूंकि नियुक्त का अधिकार विवि की प्रबंध परिषद के पास है, इसलिए जांच रिपोर्ट को प्रबंध परिषद की बैठक में रखा जाएगा। परिषद के निर्देश पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।