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आरबीआई ने नैनीताल बैंक पर लगाया एक करोड़ का जुर्माना
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नैनीताल। भारतीय रिजर्व बैंक के बार-बार दिए गए निर्देश के बावजूद बैंक के एनपीए की स्थिति को अपडेट रखने की प्रणाली विकसित नहीं करने पर रिजर्व बैंक ने नैनीताल बैंक पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक के हाल में नियुक्त अध्यक्ष दिनेश पंत ने कहा कि वे स्थिति की समीक्षा कर हालात सुधारेंगे।
रिजर्व बैंक के डीजीएम शैलजा सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 2016 में वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर बैंक को वित्तीय स्थिति की समीक्षा के आधार पर एक निश्चित समयावधि में एनपीए की पहचान ऑटोमेट करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बैंक ने इस पर अमल नहीं किया। वित्तीय वर्ष 2017 की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के बाद पुन: बैंक को इस पर अमल करने की हिदायत दी गई तथा समयावधि विस्तारित की गई, लेकिन बैंक ने इसे लागू नहीं किया। इस पर बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा व्यक्तिगत सुनवाई भी की गई। इन सबके आधार पर बैंक पर यह जुर्माना लगाया गया। बैंक के चेयरमैन दिनेश पंत ने कहा कि यह प्रकरण उनके आने से काफी पहले का है वे मामले का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक छोटा बैंक होने के कारण बैंक यह व्यवस्था नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसा जुर्माना रिजर्व बैंक विभिन्न मामलों में कई बैंकों पर अक्सर लगाता है, लेकिन वे हालात को सुधारने का पूरा प्रयास करेंगे जिससे भविष्य में ऐसे हालात न आएं। उन्होंने कहा कि बैंक की स्थिति को देखते हुए यह जुर्माना माफ करने का भी अनुरोध किया जाएगा।
आरबीआई ने नैनीताल बैंक पर लगाया एक करोड़ का जुर्माना
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रिजर्व बैंक के डीजीएम शैलजा सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 2016 में वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर बैंक को वित्तीय स्थिति की समीक्षा के आधार पर एक निश्चित समयावधि में एनपीए की पहचान ऑटोमेट करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बैंक ने इस पर अमल नहीं किया। वित्तीय वर्ष 2017 की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के बाद पुन: बैंक को इस पर अमल करने की हिदायत दी गई तथा समयावधि विस्तारित की गई, लेकिन बैंक ने इसे लागू नहीं किया। इस पर बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा व्यक्तिगत सुनवाई भी की गई। इन सबके आधार पर बैंक पर यह जुर्माना लगाया गया। बैंक के चेयरमैन दिनेश पंत ने कहा कि यह प्रकरण उनके आने से काफी पहले का है वे मामले का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक छोटा बैंक होने के कारण बैंक यह व्यवस्था नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसा जुर्माना रिजर्व बैंक विभिन्न मामलों में कई बैंकों पर अक्सर लगाता है, लेकिन वे हालात को सुधारने का पूरा प्रयास करेंगे जिससे भविष्य में ऐसे हालात न आएं। उन्होंने कहा कि बैंक की स्थिति को देखते हुए यह जुर्माना माफ करने का भी अनुरोध किया जाएगा।
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