फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   गोली मारने से पहले किया था गांव के लोगों को मैसेज

गोली मारने से पहले किया था गांव के लोगों को मैसेज

Mon, 03 Sep 2018 01:53 AM IST
Updated Mon, 03 Sep 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
गोली मारने से पहले किया था गांव के लोगों को मैसेज
हल्द्वानी। खुद को गोली से उड़ाने से पहले खनन कारोबारी चंचल सिंह राठौर ने गांव के कई करीबियों को व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव का रहने वाला हार्डवेयर कारोबारी उन्हें मारने की साजिश रच रहा था। हिम्मत नहीं पड़ी तो उसने लक्ष्मी दत्त पांडे के बच्चों को मरवा दिया। पुलिस इस मैसेज की जांच कर रही है।
विज्ञापन

उन्होंने यह मैसेज 11:53 बजे तक करीबियों को भेजे। चंचल के अनुसार ‘मैंने जिंदगी में आज तक किसी के बारे में बुरा नहीं सोचा। वह मुझे सांप कहता है। मुझे भी मरवाने की साजिश है। इसलिए मैं खुद को गोली मार रहा हूं।’ मैसेज पढ़ने के बाद पुलिस भी परेशान हो गई। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव का कहना है कि चंचल की मानसिक स्थिति कई दिनों से ठीक नहीं थी। फिर भी मैसेज के मामले में कारोबारी से पूछताछ कर जांच की जाएगी कि उसकी भूमिका पूनम हत्याकांड से तो नहीं है।
विज्ञापन


गोली मारने से पहले गांव के लोगों को किया था व्हाट्सएप मैसेज
पूनम की हत्या मामले में हार्डवेयर कारोबारी को ठहराया जिम्मेदार


भाई की मन्नत काम नहीं आई
छोटे भाई शेखर ने चंचल सिंह की मानसिक स्थिति ठीक करने के लिए कई देवी देवताओं की शरण में गए। मन्नतें मांगीं और विभूति (राख) माथे पर लगाई, लेकिन कुछ काम नहीं आया। शेखर ने कहा कि सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। दो दिन पहले वह घर बेचकर गांव में रहने के लिए भी दबाव बना रहे थे। शेखर के अनुसार चंचल के पास दो डंपर, खेतीबाड़ी के अलावा सड़क किनारे दुकानें भी थीं। दुकानों को किराए पर उठाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रक्षाबंधन पर अवकाश लेकर आया था बेटा
बड़ा बेटा गोकुल रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर आया था। घटना के समय बेटा और परिवार के अन्य सदस्य खेती के काम में व्यस्त थे। इसी कारण चंचल घर में रखी लाइसेंसी (सिंगल बैरल) निकालने में सफल हो गए।
बंदूक के बट कवर मेें चार गोलियां थीं
परिजनों ने बताया कि लाइसेंसी बंदूक के बट कवर में पांच गोलियां लगीं थीं। एक गोली के फायर होने के कारण चार गोलियां बचीं थीं। एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी और सिपाही घनश्याम सिंह रौतेला ने बंदूक को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। बंदूक को बैलेस्टिक जांच के लिए दून स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

कई दिनों से डरे-डरे थे चंचल
छोटे भाई शेखर सिंह राठौर ने बताया कि चंचल तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। कई दिनों से वह डरे-डरे लग रहे थे। वह अक्सर कहते रहते थे कि कोई उन्हें मारना चाहता था। कई बार तो वह सीढ़ियों के बीच छिप जाते थे। शेखर ने बताया कि डिप्रेशन दूर करने के लिए इलाज और झाड़फूंक तक कराया गया। चंचल के दो बेटे गोकुल और दीपक उर्फ बंटी है। गोकुल फौज में जम्मू-कश्मीर में तैनात है जबकि छोटा बेटा होटल मैनेजमेंट कर पुणे में जॉब करता है। चंचल के दूसरे नंबर के भाई हीरा सिंह राठौर इंग्लैंड में नौकरी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed