{"_id":"5a737bcd4f1c1b80268b7cb5","slug":"11517517773-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपी पत्नी की अस्पताल में मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्यारोपी पत्नी की अस्पताल में मौत
Updated Fri, 02 Feb 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। उपकारागार में बंद पति की हत्यारोपी बुजुर्ग महिला की सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह मानसिक रोग और सांस के रोग से पीड़ित थी।
पुलिस ने बताया कि राजीव नगर बिंदुखत्ता निवासी कुसुमा देवी (60) ने अपने पति हीरा सिंह राणा की 25 नवंबर 2016 को लाठी से पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने कुसुमा को गिरफ्तार किया था। जेलर संजीव ह्यांकी के अनुसार उसे 11 दिसंबर 2016 को जेल में बंद किया गया था। 30 जनवरी 2018 को हालत बिगड़ने पर उसे सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि महिला का डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही थी। उसकी स्थिति में सुधार हो रहा था लेकिन वह कुछ बोलती नहीं थी। इसके बाद उसका मानसिक रोग था। उसकी उल्टी दस्त भी नियंत्रित थी लेकिन बुधवार को अचानक हार्ट अटैक हुआ और उसकी मौत हो गई। महिला के बीमार होने पर कोई परिजन देखने नहीं आया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए मजिस्ट्रेट बुलाया। डॉक्टरों की टीम ने उसका नियमानुसार वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया।
सौतेला बेटा शव लेने आया
हत्यारोपी कुसुमा की मौत के बाद जेलर ने उसके सौतेले बेटा चंदन सिंह को बुलाया। सौतेले बेटा ने बताया कि उसे बृहस्पतिवार को ही बीमारी और मौत की जानकारी मिली है। कुसुमा की चार सौतेली संतान हैं। पुलिस ने सौतेले बेटे को ही शव सौंप दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि राजीव नगर बिंदुखत्ता निवासी कुसुमा देवी (60) ने अपने पति हीरा सिंह राणा की 25 नवंबर 2016 को लाठी से पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने कुसुमा को गिरफ्तार किया था। जेलर संजीव ह्यांकी के अनुसार उसे 11 दिसंबर 2016 को जेल में बंद किया गया था। 30 जनवरी 2018 को हालत बिगड़ने पर उसे सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि महिला का डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही थी। उसकी स्थिति में सुधार हो रहा था लेकिन वह कुछ बोलती नहीं थी। इसके बाद उसका मानसिक रोग था। उसकी उल्टी दस्त भी नियंत्रित थी लेकिन बुधवार को अचानक हार्ट अटैक हुआ और उसकी मौत हो गई। महिला के बीमार होने पर कोई परिजन देखने नहीं आया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए मजिस्ट्रेट बुलाया। डॉक्टरों की टीम ने उसका नियमानुसार वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया।
विज्ञापन
सौतेला बेटा शव लेने आया
हत्यारोपी कुसुमा की मौत के बाद जेलर ने उसके सौतेले बेटा चंदन सिंह को बुलाया। सौतेले बेटा ने बताया कि उसे बृहस्पतिवार को ही बीमारी और मौत की जानकारी मिली है। कुसुमा की चार सौतेली संतान हैं। पुलिस ने सौतेले बेटे को ही शव सौंप दिया।
विज्ञापन