फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   फुफेरा भाई ही निकला मनोज की जान लेने वाला

फुफेरा भाई ही निकला मनोज की जान लेने वाला

Thu, 13 Sep 2018 01:48 AM IST
Updated Thu, 13 Sep 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
फुफेरा भाई ही निकला मनोज की जान लेने वाला
demo pic
हल्द्वानी। हीरानगर में घर में घुसकर चाय विक्रेता मनोज कश्यप की जान लेने वाला उसकी बुआ का बेटा आशीष ही निकला। उसने संपत्ति विवाद में बहस होने पर मनोज की गला कसकर जान ली थी। वह उसका पर्स भी लूट ले गया था। पुलिस ने बुधवार को उसे एफटीआई चौराहे के पास गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 2950 रुपये और आधार कार्ड बरामद हुआ है।
विज्ञापन


एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने पत्रकारों को बताया कि हीरानगर निवासी उमेश कश्यप ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके छोटे भाई मनोज कुमार कश्यप की नौ सिंतबर की रात गला कसकर हत्या की गई थी। इस मामले में उसने अपने बुआ के बेटे आशीष कश्यप के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सीसीटीवी देखने के बाद पाया कि आशीष अंदर घुसा था। बाहर निकलते समय उसने सीसीटीवी के तारों को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया था। इसी आधार पर पुलिस की टीमों ने आरोपी की तलाश करने के लिए बरेली, पीलीभीत, गाजियाबाद, दिल्ली आदि स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने एफटीआई चौराहे के पास बुधवार को उसे धर दबोचा। आशीष कश्यप पुत्र राम किशोर कश्यप बरेली जिले के राजेंद्रनगर प्रेमनगर का रहने वाला है।
विज्ञापन


आशीष ने बताया कि नल बाजार की दुकान और मकान को लेकर मनोज और उसके चाचाओं के बीच मुकदमा चल रहा है। मनोज का कहना था कि संपत्ति में उसका कोई हिस्सा नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और शराब के नशे में होने के कारण उसने मारपीट के बाद रस्सी से मनोज की गला कसकर हत्या कर दी। घटना के बाद उसने किसी को नहीं बताया था। वह रुद्रपुर की तरफ जाने वाली बस पकड़कर भाग निकला। इसके बाद वह दिल्ली चला गया। हल्द्वानी लौटते समय पुलिस ने पकड़ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाई से विवाद होने पर टनकपुर में रहता था आशीष
हल्द्वानी। आशीष कश्यप दर्जा सात तक पढ़ा है। उसने बताया कि रोजगार की तलाश में कुछ समय पहले वह गाजियाबाद भाई के पास गया था। वहां कुछ दिन एक कोल्ड ड्रिक्स कंपनी में काम किया। इस बीच उसका भाई से विवाद हो गया और वह गाजियाबाद छोड़कर टनकपुर में जीजा के घर रहने लगा। कुछ दिनों तक उसने जीजा के काम में अपना हाथ बंटाया था। हत्या के दो दिन पहले आशीष टनकपुर से अपने दोस्त शनि के साथ मनोज के घर आया था। आशीष के अनुसार हत्या की बात उसने अपने दोस्त को भी नहीं बताई थी। पुलिस के अनुसार आशीष तक पहुंचने के लिए उसके करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। इसी आधार पर वह हत्थे चढ़ सका। गिरफ्तार करने वाली टीम में हीरानगर चौकी प्रभारी निर्मल लटवाल, त्रिभुवन जोशी, पंचानन मंडल, प्रमोद भट्ट, चंदर सिंह और चंदन नेगी शामिल थे।




संपत्ति विवाद में बहस होने पर गला कसकर की थी हत्या, पर्स भी ले गया था, 2950 रुपये बरामद
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed