फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   जेल में दो बंदियों से दस ग्राम चरस बरामद

जेल में दो बंदियों से दस ग्राम चरस बरामद

Tue, 20 Mar 2018 01:52 AM IST
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
जेल में दो बंदियों से दस ग्राम चरस बरामद
हल्द्वानी। उप कारागार में बीड़ी पीने की शिकायत पर हुए निरीक्षण में दो बंदियों के कब्जे से 10 ग्राम चरस बरामद की गई। जेल अधिकारियों को शक है कि मुलाकात करने वालों ने जेल में चरस पहुंचाई है। हालांकि पुलिस का इस दलील पर यकीन नहीं है।
विज्ञापन

जेलर संजीव सिंह ह्यांकी को जेल के मुखबिरों (पक्का) से सूचना मिली कि बैरक संख्या चार (ए) में बंदी बीड़ी पी रहे हैं। बंदी रक्षकों ने बीड़ी पीते हुए काशीपुर निवासी सत्येंद्र को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान सत्येंद्र के साथी बनभूलपुरा निवासी शाहरुख उर्फ चेटा मलिक से दस ग्राम चरस बरामद हुई। पूछने पर शाहरुख ने सप्लाई करने वाले के बारे में नहीं बताया। शाहरुख को कोतवाली पुलिस ने 20 फरवरी को 25 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। उसका साथी सत्येंद्र 2015 से हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। जेल अधिकारियों का तर्क है कि रविवार को शाहरुख से मिलने के लिए परिजन आए थे। सत्येंद्र से मिलने के लिए कोई नहीं आया था। शक है कि शाहरुख को परिजनों ने चरस दी है। पुलिस इस तर्क से सहमत नहीं है। जेलर ने इस मामले की लिखित जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस अधिकारियों को यह खुलासा करना है कि जेल के अंदर चरस कौन पहुंचा रहा है। जेल अधिकारियों का तर्क अगर सही है तो फिर जेल गेट पर चेकिंग में क्यों नहीं चरस पकड़ी गई।
विज्ञापन


अदालत से मिली बयान की अनुमति
मुकदमे के विवेचक चौकी प्रभारी निर्मल सिंह लटवाल ने बताया कि जेल में बंद आरोपियों शाहरुख और सत्येंद्र का बयान लेने के लिए अदालत से अनुमति मिल चुकी है। मंगलवार को अदालत में प्रार्थनापत्र देकर आरोपियों को तलब करने का अनुरोध किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस जेल अधिकारियों का भी लेगी बयान
पुलिस का कहना है कि चरस की सप्लाई का पता लगाने के लिए पहले बंदी रक्षकों और बंदियों का बयान लिया जाएगा। जरूरत हुई तो जेल अधिकारियों का बयान पुलिस लेगी। जेल में बीड़ी पीना भी मना है। माचिस के बारे में भी पूछताछ होगी।


अभी मोबाइल वाले का पता नहीं चला
नैनीताल जेल में पिछले महीने चेकिंग के दौरान मोबाइल बरामद की गई थी। इस मामले में तत्लीताल में मुकदमा दर्ज कराया गया था। एक माह बीतने के बावजूद पुलिस मोबाइल यूजर का पता नहीं लगा सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed