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सांप के डंसने से सात साल की मासूम की मौत
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:23 AM IST
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सांप वाला भुट्टा
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। लाखनमंडी चोरगलिया में सोमवार की सुबह मेंढक का पीछा कर रहे सांप ने सात साल की बच्ची को डस लिया। बेटी ने पिता ने कहा कि उसे मेंढक ने काट लिया है लेकिन उन्होंने उसकी बातों को अनसुना कर दिया। बेटी को नींद आ गई मगर फिर उसने आंखें नहीं खोली। पिता अब इस अनदेखी पर पश्चाताप कर रहा है।
पीलीभीत के माधोटांडा चांदूपुर निवासी सुमेर पाल 12 साल से चोरगलिया में रहकर बटाईदार का काम करता है। सोमवार सुबह छह बजे उसकी सात साल की बेटी ज्योति घर के सामने बर्तन मांज रही थी। इस बीच एक सांप मेंढक का पीछा करते हुए आया और बर्तनों में घुस गया। उसने बच्ची के हाथ में डस लिया। बच्ची ने समझा कि उसे मेंढक ने काट लिया है। इस बात का जिक्र उसने सुमेर पाल से किया लेकिन उन्होंने समझाया कि मेंढक के काटने से कुछ नहीं होता है।
शरीर में जहर का प्रभाव बढ़ने पर बच्ची को नींद आने लगी और वह झोपड़ी में सो गई। मां ने आवाज लगाकर पर जब उसने आंखें नहीं खोली तो सुमेर पाल उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले आया। बच्ची का शरीर नीला पड़ गया था। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश सिंह नेगी ने बताया कि ज्योति चार बच्चों में दूसरे नंबर की थी।
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पापा से कहा था, मेंढक ने काट लिया मगर उन्होंने अनसुना कर दिया
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पीलीभीत के माधोटांडा चांदूपुर निवासी सुमेर पाल 12 साल से चोरगलिया में रहकर बटाईदार का काम करता है। सोमवार सुबह छह बजे उसकी सात साल की बेटी ज्योति घर के सामने बर्तन मांज रही थी। इस बीच एक सांप मेंढक का पीछा करते हुए आया और बर्तनों में घुस गया। उसने बच्ची के हाथ में डस लिया। बच्ची ने समझा कि उसे मेंढक ने काट लिया है। इस बात का जिक्र उसने सुमेर पाल से किया लेकिन उन्होंने समझाया कि मेंढक के काटने से कुछ नहीं होता है।
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शरीर में जहर का प्रभाव बढ़ने पर बच्ची को नींद आने लगी और वह झोपड़ी में सो गई। मां ने आवाज लगाकर पर जब उसने आंखें नहीं खोली तो सुमेर पाल उसे सुशीला तिवारी अस्पताल ले आया। बच्ची का शरीर नीला पड़ गया था। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल चौकी प्रभारी कैलाश सिंह नेगी ने बताया कि ज्योति चार बच्चों में दूसरे नंबर की थी।
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पापा से कहा था, मेंढक ने काट लिया मगर उन्होंने अनसुना कर दिया