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एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज भेजी जा सकेंगी किताबें, उच्च शिक्षा विभाग बना रहा नियमावली, हर छात्र को आठ किताबें देने की है योजना

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Nov 2020 02:11 AM IST
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Books can be sent from one college to another, higher education department is making rules, plan to give eight books to every student
प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। प्रदेश के राजकीय डिग्री कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को अब लाइब्रेरी से पर्याप्त पुस्तकें मिल सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग इसके लिए नियमावली बनाने जा रहा है। इस नियमावली के तहत अब एक कॉलेज की पुस्तकें दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर की जा सकेंगी। यह व्यवस्था लागू हुई तो हर छात्र को दो की जगह आठ पुस्तकें मिल पाएंगी।
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प्रदेश में 105 राजकीय डिग्री कॉलेज संचालित हैं। इनमें पुराने डिग्री कॉलेजों में लाइब्रेरी होने के कारण छात्र-छात्राओं को पुस्तकें मिल तो जाती हैं, लेकिन दो-तीन से अधिक नहीं मिल पातीं। नए डिग्री कॉलेजों में बजट के अभाव में पुस्तकों की व्यवस्था नहीं हो पाई है। कई कॉलेजों में लाइब्रेरी भी कामचलाऊ ही है। कुमाऊं के सबसे बड़े एमबीपीजी कॉलेज में डेढ़ लाख किताबें हैं, मगर छात्र संख्या 12 हजार होने के कारण हर छात्र को पूरी किताबें नहीं मिल पातीं हैं।
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वहीं, पिथौरागढ़ कॉलेज, ऋषिकेश, रामनगर, गोपेश्वर, रामनगर, पौड़ी, बागेश्वर, कोटद्वार, रुद्रपुर कॉलेजों समेत कई ऐसे बड़े डिग्री कॉलेज हैं जहां किताबें बड़ी संख्या में हैं। इसे देखते हुए यह नियमावली बनाई जा रही है कि जहां किताबें हैं और छात्र कम हैं वहां से किताबें उन कॉलेजों को भेजी जा सकें, जहां छात्र कम हैं और किताबें ज्यादा हैं। इस तरह छात्रों की किताबों की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकेगी।
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एक नजर में स्थिति
- प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के 105 राजकीय डिग्री कॉलेज संचालित
- एक लाख सात हजार छात्र-छात्राएं हैं और किताबें 19 लाख
- प्रत्येक छात्र को आठ-आठ किताबें उपलब्ध हो सकेंगी
ऐसी नियमावली बनाई जा रही है, जिससे एक कॉलेज की पुस्तकें दूसरे कॉलेज में भेजी जा सकें। इससे हर छात्र को आठ किताबें मिल सकेंगी। उत्तराखंड देश का पहला राज्या होगा जो यह सुविधा देने जा रहा है। पाठ्यक्रम से अलग हो चुकीं किताबों को भी लाइब्रेरी से हटाया जाएगा। इसके अलावा 200 से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को 5 कंप्यूटर, 500 छात्र संख्या वालों को 10 और बड़े कॉलेजों को 50-50 कंप्यूटर दिए जाएंगे।
- डॉ.धनसिंह रावत उच्चशिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तराखंड सरकार।
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