बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड: भेष बदलकर भी पुलिस को चकमा नहीं दे पाया, बचने के लिए सिर के बाल और दाढ़ी कटा ली थी
बाबा तरसेम सिंह की हत्या के बाद फरार बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए अपना भेष भी बदल लिया था। अमरजीत सिंह ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी दाढ़ी और सिर के बाल भी कटा लिए थे। भेष बदलने के बाद भी वह पुलिस को चकमा नहीं दे पाया।
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धार्मिक डेरा कार सेवा के जत्थेदार बाबा तरसेम सिंह की हत्या के बाद फरार बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए अपना भेष भी बदल लिया था। अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंठा ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी दाढ़ी और सिर के बाल भी कटा लिए थे। भेष बदलने के बाद भी वह पुलिस को चकमा नहीं दे पाया।
बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड के खुलासे के लिए शासन से गठित एसआईटी के अलावा एसओजी , एसटीएफ आदि पुलिस टीमें लगी हुई थीं। डीजीपी अभिनव कुमार ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कर्मियों को हत्याकांड के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए थे। पुलिस टीमें जहां भी हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही थीं, वहीं हत्यारोपी पुलिस से बचने के लिए अपनी वेशभूषा बदलकर उत्तराखंड में ही घूम रहे थे।
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सोमवार रात को सटीक सूचना मिलने पर हरिद्वार पुलिस ने भगवानपुर से कलियर जाने वाले मार्ग पर मुठभेड़ में बाबा तरसेम सिंह पर गोली चलाने वाले अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंठा को मार गिराया। पुलिस के अनुसार अमरजीत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सिर के बाल और दाढ़ी तक कटवा ली थी।