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Murder: खुफिया तंत्र फेल, हरिद्वार में छिपा था हत्यारोपी; हमलावरों के इन देशों में भागने की होती रही चर्चा

Wed, 10 Apr 2024 10:55 AM IST
हीरा मेहरा कीर्तिराज रुमाल, संवाद
कीर्तिराज रुमाल, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 10 Apr 2024 10:55 AM IST
सार

Baba Tarsem Singh Murder Case: बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में पुलिस का खुफिया तंत्र फेल रहा। जिस शार्प शूटर के नेपाल, बांग्लादेश और कनाडा भागने की आशंका व्यक्त की जा रही थी, वह उत्तराखंड राज्य के भीतर ही हरिद्वार जिले में छुपा हुआ था।

 

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Baba Tarsem Singh Murder Case: Murder accused Amarjeet was hiding in Haridwar
बाबा तरसेम सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में पुलिस का खुफिया तंत्र बुरी तरफ फेल रहा। जिस शार्प शूटर के नेपाल, बांग्लादेश और कनाडा भागने की आशंका व्यक्त की जा रही थी, वह उत्तराखंड राज्य के भीतर ही हरिद्वार जिले में छुपा हुआ था।

28 मार्च 2024 को डेरे में घुसकर बाइक सवार शार्प शूटरों सर्बजीत सिंह और अमरजीत सिंह ने बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी पुलिस करीब 12 दिनों तक एक भी शार्प शूटर का सुराग नहीं लगा सकी।

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शार्प शूटरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस टीमों को गुमराह भी किया। कभी बदमाशों ने सोशल मीडिया एकाउंट के माध्यम से अपनी लोकेशन बांग्लादेश की राजधानी ढाका दिखाई तो कभी नेपाल और कनाडा भागने की भी चर्चाएं होती रहीं।

दोनों बदमाशों के पीलीभीत के रास्ते नेपाल भागने की भी चर्चा होती रही, लेकिन शाहजहांपुर के बाद उनका पता नहीं चल सका। बदमाशों की तलाश में पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत पांच राज्यों में भी दबिश दी। इस मामले में पुलिस नेटवर्क और खुफिया तंत्र नाकाम साबित हुआ। बदमाशों की धरपकड़ के लिए शासन स्तर पर गठित एसआईटी में 87 सदस्यों को शामिल करने का कोई भी फायदा नहीं मिला। इसके अलावा एसटीएफ, एसओजी समेत करीब 11 टीमें खुलासे के लिए जुटी रहीं। 

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