फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Ashok Pant murder case: Tent businessman accused of life imprisonment

अशोक पंत हत्याकांड : हत्यारोपी टेंट कारोबारी को उम्रकैद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 10:23 PM IST
विज्ञापन
Ashok Pant murder case: Tent businessman accused of life imprisonment
नैनीताल। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार की अदालत ने छह साल पहले हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में दोष साबित होने के बाद हत्यारोपी टेंट व्यवसायी शेखर मेहरा को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन

बता दें कि शिवपुरम फेस दो हनुमान मंदिर कुसुमखेड़ा निवासी हेम चंद्र पंत पुत्र कैलाश चंद्र पंत ने 15 जून 2015 को शेखर मेहरा और अन्य लोगों के खिलाफ अपने भाई अशोक पंत को घर से ले जाकर उसकी हत्या करने की रिपोर्ट मुखानी थाने में दर्ज कराई थी। अशोक पंत का खून से लथपथ शव ग्राम भरतपुर में बृजवासी स्कूल के पास पड़ा मिला था। मृतक के हाथों में धारदार हथियार से चोट के निशान थे। अशोक की हत्या गला दबाकर की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी शेखर मेहरा के अलावा उसके साथी रवि फूलमाली, सुमित सक्सेना और मनीष गौड़ को भी संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने शेखर मेहरा की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कांच की टूटी हुई बोतल और गला दबाने में प्रयुक्त गमछा भी बरामद किया था।
विज्ञापन

27 अगस्त को न्यायालय में सुनवाई के दौरान शेखर मेहरा पर हत्या का आरोप साबित हो गया था, जबकि उसके तीनों साथियों को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। मंगलवार को कोर्ट में सजा को लेकर सुनवाई हुई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने शेखर मेहरा को हत्या के मामले में आजीवन कारावास के साथ-साथ 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपने आदेश में न्यायालय ने कहा कि अर्थदंड न देने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्षतिपूर्ति के लिए फैसले की प्रति प्राधिकरण को भेजी
नैनीताल। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि मृतक अशोक पंत अपने परिवार का सहारा था। पति की हत्या के बाद से ही उसकी पत्नी आठ साल की बेटी के साथ कभी मायके में तो कभी ससुराल में रहकर जीवन व्यतीत कर रही हैं। मृतक की वृद्ध मां भी घर में है। इसे देखते हुए न्यायालय ने पीड़ित को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए निर्णय की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी भेजने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed