रामनगर (नैनीताल)। पीपीपी मोड पर संचालित सरकारी अस्पताल में आशाओं ने हंगामा किया। नारेबाजी कर अस्पताल के बाहर धरना भी दिया। आशाओं का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन ने मीटिंग हॉल और आशाओं का कमरा तक छीन लिया है।
आशा वर्कर की जिला अध्यक्ष कमला बधानी ने बताया कि अस्पताल में उन्हें अब मीटिंग और आशा रूम नहीं दिया गया है, जो कि पीपीपी मोड से पहले तक मिला हुआ था। शुक्रवार को आशाओं की बैठक थी, लेकिन कक्ष नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। कुछ दिन पहले भी आशाओं की ट्रेंनिग एक निजी स्कूल में करवाई गई। 120 आशाएं पिछले 14 साल से रामनगर में अपनी सेवाएं दे रही हैं, बावजूद उनकी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आशाओं को इधर-उधर बैठकर कामकाज निपटाना पड़ रहा है। अस्पताल के पीपीपी मोड पर आने से आशाओं को काफी दिक्कतें आ रही हैं। अस्पताल स्टाफ का आशाओं के प्रति व्यवहार भी अच्छा नहीं है। यहां जिला अध्यक्ष कमला बधानी, ब्लॉक अध्यक्ष रजनी भट्ट, जानकी देवी आदि रहे।