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पत्रकारिता को एआई ने एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा किया : प्रो. दुर्गेश
Sat, 31 May 2025 02:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 31 May 2025 02:36 AM IST
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हल्द्वानी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने आज सभी कपोल कल्पनाओं को धत्ता बता दिया है। पत्रकारिता को भी एआई ने एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा किया है। यह बात उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं मीडिया स्टडीज विभाग की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यू-कॉस्ट डायरेक्टर प्रो. दुर्गेश पंत ने कही।
‘डिजिटल मीडिया के दौर में हिंदी पत्रकारिता एक चिंतन’ विषय पर चर्चा करते हुए प्रो. पंत ने कहा कि कुमांऊ में हिंदी पत्रकारिता की बहुत समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने एआई के भविष्य पर भी बात की और बताया कि यह कैसे पूरे समाज को बदल सकता है। बाबा भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गोविंद पांडे ने कहा कि पत्रकार हमेशा ही समाज के लिए सोचता व काम करता है। उन्होंने फेक न्यूज पर सबसे पहले काम करने की जरूरत बताई।
इससे पहले विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राकेश चंद्र रयाल ने बताया कि भारत में हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम को लेकर भारतीयों में जनचेतना का विकास करने से हुई। संगोष्ठी के अध्यक्ष मानविकी विज्ञान विद्या शाखा के प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने मानवता को ही हिंदी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य बताया। विवि के कुलसचिव खेमराज भट्ट ने सभी का आभार जताया। संचालन राजेंद्र क्वीरा ने किया। इस मौके पर केके पांडे. प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. जितेंद्र पांडे, प्रो.मदन मोहन जोशी, डाॅ. शशांक शुक्ला, डाॅ. घनश्याम जोशी, प्रो. आशुतोष भट्ट, डाॅ. गौरी, डाॅ. मनोज पांडे, डाॅ. अखिलेश सिंह और विवि के शोधार्थी मौजूद रहे।
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वरिष्ठ पत्रकारों का हुआ सम्मान
40 साल तक जनसत्ता और तमाम अन्य माध्यमों के साथ जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार प्रयाग पांडे और जनपक्ष आजकल के संपादक गिरीश जोशी को सम्मानित किया गया।
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‘डिजिटल मीडिया के दौर में हिंदी पत्रकारिता एक चिंतन’ विषय पर चर्चा करते हुए प्रो. पंत ने कहा कि कुमांऊ में हिंदी पत्रकारिता की बहुत समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने एआई के भविष्य पर भी बात की और बताया कि यह कैसे पूरे समाज को बदल सकता है। बाबा भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गोविंद पांडे ने कहा कि पत्रकार हमेशा ही समाज के लिए सोचता व काम करता है। उन्होंने फेक न्यूज पर सबसे पहले काम करने की जरूरत बताई।
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इससे पहले विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राकेश चंद्र रयाल ने बताया कि भारत में हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम को लेकर भारतीयों में जनचेतना का विकास करने से हुई। संगोष्ठी के अध्यक्ष मानविकी विज्ञान विद्या शाखा के प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने मानवता को ही हिंदी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य बताया। विवि के कुलसचिव खेमराज भट्ट ने सभी का आभार जताया। संचालन राजेंद्र क्वीरा ने किया। इस मौके पर केके पांडे. प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. जितेंद्र पांडे, प्रो.मदन मोहन जोशी, डाॅ. शशांक शुक्ला, डाॅ. घनश्याम जोशी, प्रो. आशुतोष भट्ट, डाॅ. गौरी, डाॅ. मनोज पांडे, डाॅ. अखिलेश सिंह और विवि के शोधार्थी मौजूद रहे।
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वरिष्ठ पत्रकारों का हुआ सम्मान
40 साल तक जनसत्ता और तमाम अन्य माध्यमों के साथ जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार प्रयाग पांडे और जनपक्ष आजकल के संपादक गिरीश जोशी को सम्मानित किया गया।