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आह भरी राह : और भी रास्ते हैं यूपी को जोड़ते
विजेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला ब्यूरो/हल्द्वानी।
Updated Thu, 22 Oct 2015 02:00 AM IST
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यूपी-उत्तराखंड को जोड़ने वाले मार्ग मुसीबत का सबब बने हैं। इन सड़कों के गड्ढे कमर दर्द दे रहे हैं और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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मार्गों की स्थिति ऐसी है कि एक बार कोई इन रास्तों से सफर कर ले, तो वह अगली बार के लिए तौबा कर लेता है। लोग दिल्ली जाने के लिए रुद्रपुर से जाने की जगह करीब 35 किमी ज्यादा लंबी दूरी तय कर ठाकुरद्वारा होकर जाना बेहतर मान रहे हैं।
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यूपी को जोड़ने में बहेड़ी- बरेली, रुद्रपुर - बिलासपुर - दिल्ली, जसपुर - देहरादून और सितारगंज - खटीमा - पीलीभीत मार्ग मुख्य हैं। इसमें बहेड़ी- बरेली मार्ग को 540 करोड़ की लागत से करीब 54 किमी चकाचक कर दिया गया है। यूपी को जोड़ने वाले अन्य रास्तों की हालत बदतर है।
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इसमें सबसे ज्यादा दबाव रुद्रपुर-बिलासपुर-दिल्ली रूट पर होता है। इस मार्ग से सबसे ज्यादा यात्री, सैलानी आते हैं साथ ही व्यवसायिक वाहन भी चलते हैं।
अगर हल्द्वानी से बात करें, तो रामपुर रोड तो सालों से नहीं बनी है। पैच वर्क, जुगाड़ कर आबादी वाले इलाकों में सड़क की ‘मरहम पट्टी’ गड्ढों में मिट्टी, कूड़ा आदि भरकर काम चलाया जा रहा है। मार्ग को टांडा तक चौड़ा करने और नयी सरफेस तैयार करने की योजना बनी। लोनिवि अफसरों के मुताबिक प्रस्ताव भी शासन में पहुंच गया, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ।
रुद्रपुर से आगे बिलासपुर तक तो सड़क की हालत सबसे खराब है। स्थिति यह है कि लोगों ने गड्ढों के चलते मार्ग से जाना ही बंद कर दिया है। जिन्हें दिल्ली जाना है वह काशीपुर- ठाकुरद्वारा - मुरादाबाद होते हुए जाने लगे हैं, यह रास्ता करीब 35 किमी लंबा है। पर परेशानी से बचने के लिए लोग ज्यादा लंबी दूरी तय करना बेहतर मान रहे हैं।