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Nainital News: हादसे के बाद टूटी नींद, बनाए स्पीड ब्रेकर
Fri, 27 Jun 2025 02:32 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 27 Jun 2025 02:32 AM IST
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हल्द्वानी। बुधवार सुबह फायर स्टेशन के पास दिल दहलाने वाला हादसा होने के बाद अपनी चूक से सबक लेकर लोनिवि ने बृहस्पतिवार को मोड़ के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर बना दिए। हालांकि लोगों का मानना है कि फायर स्टेशन की तरफ बना ब्रेकर हादसा रोकेगा कम, बढ़ाएगा ज्यादा। इसे ठीक अंधे मोड़ पर बनाया गया है, जबकि इसे थोड़ा पहले होना चाहिए था।
फायर स्टेशन की ओर से आते वक्त मोड़ पर गाड़ी घुमाते समय ही यह ब्रेकर सामने आएगा। जबकि ब्रेकर का मतलब होता है कि वाहन सवार पहले से अपनी स्पीड कम करे और फिर अंधे मोड़ पर नियंत्रित वाहन के साथ घूमे। हालांकि एसटीएच की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए ब्रेकर पर्याप्त दूरी पर बनाया गया है।
हादसे वाली जगह को देखते रहे लोग
हादसे वाली जगह को देखने के लिए बृहस्पतिवार को लोग वहां आते रहे। कइयों को तो घटना की जानकारी भी नहीं थी। जब वह चौराहे पर आए और जानकारी हुई तो कई लोग नहर के पास आकर घटनास्थल पर रुक गए। चाय की दुकान पर भी पूरे दिन यही चर्चा होती रही।
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अंधे मोड़ से वन अनुसंधान के दीवार तक अब भी खुली है नहर
अंधे मोड़ से वन अनुसंधान की शुरू होने वाली दीवार तक नहर खुली हुई है। इसके बाद तकरीबन दो सौ मीटर तक नहर कवर्ड है। किनारों पर लोहा का एंगल लगा है जो वाहनों को नहर में जाने से रोकेगा। इतना बड़ा हादसा होने के बाद दूसरे दिन भी विभाग ने एंगल नहीं लगाया।
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फायर स्टेशन की ओर से आते वक्त मोड़ पर गाड़ी घुमाते समय ही यह ब्रेकर सामने आएगा। जबकि ब्रेकर का मतलब होता है कि वाहन सवार पहले से अपनी स्पीड कम करे और फिर अंधे मोड़ पर नियंत्रित वाहन के साथ घूमे। हालांकि एसटीएच की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए ब्रेकर पर्याप्त दूरी पर बनाया गया है।
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हादसे वाली जगह को देखते रहे लोग
हादसे वाली जगह को देखने के लिए बृहस्पतिवार को लोग वहां आते रहे। कइयों को तो घटना की जानकारी भी नहीं थी। जब वह चौराहे पर आए और जानकारी हुई तो कई लोग नहर के पास आकर घटनास्थल पर रुक गए। चाय की दुकान पर भी पूरे दिन यही चर्चा होती रही।
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अंधे मोड़ से वन अनुसंधान के दीवार तक अब भी खुली है नहर
अंधे मोड़ से वन अनुसंधान की शुरू होने वाली दीवार तक नहर खुली हुई है। इसके बाद तकरीबन दो सौ मीटर तक नहर कवर्ड है। किनारों पर लोहा का एंगल लगा है जो वाहनों को नहर में जाने से रोकेगा। इतना बड़ा हादसा होने के बाद दूसरे दिन भी विभाग ने एंगल नहीं लगाया।