फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Nainital Forest Fire: Nainital air spoiled due to forest fire

Nainital Forest Fire: जंगलों की आग से खराब हुई नैनीताल की हवा, गिरकर औसत श्रेणी में पहुंचा एक्यूआई

Sat, 04 May 2024 12:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Sat, 04 May 2024 12:40 PM IST
सार

Nainital Forest Fire: नैनीताल के जंगलों में आग लगी है।  हर तरफ धुंध छायी हुई है। इससे हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। नैनीताल में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) संतोषजनक से गिरकर औसत श्रेणी में पहुंच गया है।

विज्ञापन
Nainital Forest Fire:  Nainital air spoiled due to forest fire
रानीबाग क्षेत्र में छायी धुंध।     संवाद

विस्तार

आग लगने से जंगल धधक रहे हैं। हर तरफ धुंध छायी हुई है। इससे हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। नैनीताल में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) संतोषजनक से गिरकर औसत श्रेणी में पहुंच गया है।

विज्ञापन


नैनीताल वन प्रभाग के जंगलों में आग लगी है। यहां आग बुझाने के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा चुकी है, लेकिन अभी तक जंगल धधक रहे हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नैनीताल वन प्रभाग में 29 जंगलों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, इसमें करीब 35 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। इससे हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित होने लगी है।
विज्ञापन


उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हवा की गुणवत्ता जांचने के लिए नैनीताल में उपकरण लगाए थे, उसमें 27 और 30 अप्रैल को जांच की गई। 27 अप्रैल को एक्यूआई 99 था, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है, जबकि 30 अप्रैल को एक्यूआई 101 पहुंच गया, यह औसत श्रेणी में आता है। अगर इसे पिछले साल 5 नवंबर से 19 नवंबर (दीवाली) के समय किए गए अध्ययन से तुलना की जाए, तो पांच दिन छोड़कर शेष नौ दिन एक्यूआई 61 से 89 के मध्य रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये पढ़ें- Uttarakhand Forest Fire: आग से धधक रहे जंगल, आंखों में जलन...सांस लेने की परेशानी लेकर अस्पताल पहुंच रहे लोग


क्या है मानक
पीसीबी के मानकों के अनुसार, एक्यूआई 0 से 50 तक अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक संतोषजनक और 101 से 200 तक औसत श्रेणी में आता है। 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर श्रेणी में आता है।

मंद हुई सूरज की रोशनी, दिनभर रही धुंध 
शुक्रवार दिन भर धुंध छायी रहने से अन्य दिनों की अपेक्षा गर्मी भी कम रही और तापमान में एक डिग्री की कमी देखने को मिली। अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 13.1 डिग्री और मुक्तेश्वर का 26.3 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम जानकार डॉ. आरके सिंह ने बताया कि बारिश नहीं हुई और जमीन सूखी है। इस समय हवाएं चल रही हैं जिससे धूल उड़कर धुंध का रूप ले रही है। जब तक बारिश नहीं होती ऐसा ही देखने को मिल सकता है। 

वातावरण में कार्बन की मात्रा बढ़ी
जंगलों में आग लगने के चलते वातावरण प्रदूषित हो गया है।  पूर्व जीव विज्ञान प्रवक्ता कमलेश पांडे ने बताया कि जंगलों में आग लगने से वातावरण में कार्बन की मात्रा बढ़ गई है। बताया कि प्रदूषण बढ़ने से हिमालयी क्षेत्र में ग्लेश्यिर पिघलने की रफ्तार तेज हो जाएगी। आग लगने से भूमि की ऊपरी परत की उर्वरा शक्ति और तंत्र नष्ट हो गया है जिससे मानसून में मृदा अपर्दन की भारी आशंका है। जंगलों में आग लगने से पशु-पक्षियों के आवास खत्म होने के साथ रहन-सहन प्रभावित हो गया है। 

डीएम से नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग
ओखलकांडा ब्लॉक प्रमुख कमलेश कैड़ा ने शुक्रवार को डीएम वंदना सिंह को जंगल की आग से जले मकान और गोशाला पीड़ित लोगों को नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। डीएम के काठगोदाम-हैड़ाखान क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख ने उन्हें क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। कैड़ा ने डीएम से बिजली और पानी के बिल से संबंधित समस्या हल करने की मांग की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed