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तो क्या वार्ड बनेगा टिकट का मानक
Updated Sat, 20 Oct 2018 01:13 AM IST
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हल्द्वानी। कांग्रेस में मेयर पद के टिकट के लिए खींचतान मची हुई है। पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में वार्डों के आधार पर टिकट देने की बात भी उठी। वार्डों को आधार बनाकर पैरवी भी की गई।
मेयर पद के लिए पैनल भेजा जा चुका है। टिकटों को लेकर शुक्रवार को देहरादून में पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो परिसीमन के बाद काठगोदाम-हल्द्वानी नगर निगम में 60 वार्ड हो गए हैं। हल्द्वानी विधानसभा में 41, कालाढूंगी में 16 और लालकुआं विधानसभा में 03 वार्ड हैं। ऐसे में वार्डों की संख्या को आधार बताकर टिकट की दावेदारी की जा रही है। खास बात यह भी है कि क्या कालाढूंगी विधानसभा और लालकुआं विधानसभा के वार्ड वोटों के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं होंगे। हल्द्वानी के 41 वार्ड क्या निर्णायक की भूमिका में होंगे। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली कई ग्रामसभाओं में मुंह की खानी पड़ी थी। अब समय बताएगा कि टिकट का आधार क्या बनता है और टिकट किसे मिलता है। हालांकि दावेदारों की सूची में शामिल एक नेता भी देहरादून पहुंचे और प्रदेश नेतृत्व के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा।
हल्द्वानी विधानसभा में 41, कालाढूंगी में 16 और लालकुआं विधानसभा में 03 वार्ड हैं
वार्डों की अधिक संख्या के आधार पर हो रही टिकट की पैरवी
ग्रामीण के एक नेता भी अपने को बता रहे मजबूत दावेदार
हल्द्वानी। कांग्रेस में मेयर पद के लिए टिकटों के बंटवारों पर अंतिम मंथन शुरू हो गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक नेता भी अपने को मजबूत दावेदार बता रहे हैं। सूत्रों की मानें तो परिसीमन से पहले 23 ग्रामसभाएं और 36 गांव का प्रतिनिधित्व ग्रामीण स्तर के नेता कर रहे थे। इसी को आधार मानते हुए अपने को मजबूत दावेदार बता रहे हैं। साथ ही आसपास के वार्डों में भी उनका प्रभाव ठीक माना जाता है।
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टिकट की घोषणा के साथ ही भितरघात के आसार
हल्द्वानी। मेयर पद की दौड़ में कांग्रेस के कुछ नेता शामिल हैं। पैनल में चार लोगों का नाम गया है। ऐसे में अगर एक नेता पर के नाम पर मोहर लगती है तो भितरघात और बगावत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हल्द्वानी विधानसभा में दमुवाढूंगा को छोड़कर कुछ ग्रामसभाओं से नौ हजार वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा था। ऐसे में माना जा रहा है कि टिकट को लेकर एक नेता का नाम बहुत तेजी से सुर्खियों में है और अगर उन्हीं को टिकट मिला तो भितरघात हो सकता है।
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मेयर पद के लिए पैनल भेजा जा चुका है। टिकटों को लेकर शुक्रवार को देहरादून में पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो परिसीमन के बाद काठगोदाम-हल्द्वानी नगर निगम में 60 वार्ड हो गए हैं। हल्द्वानी विधानसभा में 41, कालाढूंगी में 16 और लालकुआं विधानसभा में 03 वार्ड हैं। ऐसे में वार्डों की संख्या को आधार बताकर टिकट की दावेदारी की जा रही है। खास बात यह भी है कि क्या कालाढूंगी विधानसभा और लालकुआं विधानसभा के वार्ड वोटों के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं होंगे। हल्द्वानी के 41 वार्ड क्या निर्णायक की भूमिका में होंगे। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली कई ग्रामसभाओं में मुंह की खानी पड़ी थी। अब समय बताएगा कि टिकट का आधार क्या बनता है और टिकट किसे मिलता है। हालांकि दावेदारों की सूची में शामिल एक नेता भी देहरादून पहुंचे और प्रदेश नेतृत्व के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा।
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हल्द्वानी विधानसभा में 41, कालाढूंगी में 16 और लालकुआं विधानसभा में 03 वार्ड हैं
वार्डों की अधिक संख्या के आधार पर हो रही टिकट की पैरवी
ग्रामीण के एक नेता भी अपने को बता रहे मजबूत दावेदार
हल्द्वानी। कांग्रेस में मेयर पद के लिए टिकटों के बंटवारों पर अंतिम मंथन शुरू हो गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक नेता भी अपने को मजबूत दावेदार बता रहे हैं। सूत्रों की मानें तो परिसीमन से पहले 23 ग्रामसभाएं और 36 गांव का प्रतिनिधित्व ग्रामीण स्तर के नेता कर रहे थे। इसी को आधार मानते हुए अपने को मजबूत दावेदार बता रहे हैं। साथ ही आसपास के वार्डों में भी उनका प्रभाव ठीक माना जाता है।
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टिकट की घोषणा के साथ ही भितरघात के आसार
हल्द्वानी। मेयर पद की दौड़ में कांग्रेस के कुछ नेता शामिल हैं। पैनल में चार लोगों का नाम गया है। ऐसे में अगर एक नेता पर के नाम पर मोहर लगती है तो भितरघात और बगावत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हल्द्वानी विधानसभा में दमुवाढूंगा को छोड़कर कुछ ग्रामसभाओं से नौ हजार वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा था। ऐसे में माना जा रहा है कि टिकट को लेकर एक नेता का नाम बहुत तेजी से सुर्खियों में है और अगर उन्हीं को टिकट मिला तो भितरघात हो सकता है।